वेलकम इलाके में बुजुर्ग विमला देवी और उसकी बहू डॉली राय की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में डॉली के बेटे शशांक के दोस्त को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान हर्षित (21) के रूप में हुई है। आरोपी ने लूटपाट के लिए शशांक की दादी और मां की हत्या कर दी। बाद में पूरे घर की तलाशी लेकर वहां रखे लाखों के जेवरात और कैश लूट लिया। कमाल की बात यह है कि शशांक हर्षित को ही दुकान के अलावा परिवार की देखभाल करने की जिम्मेदारी देकर भाई सार्थक व दोस्तों के साथ घूमने गया था। पुलिस ने आरोपी के पास से खून से सने कपड़े, चाकू, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी, 24 हजार कैश और कई लाख के जेवरात बरामद किए हैं। आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने शशांक से पांच लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए हुए थे। अब वह रुपये वापस नहीं कर पा रहा था। इसलिए उसने लूटपाट की साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दोस्त ने कर दिया विश्वास का कत्ल: जिसे दी परिवार का ख्याल रखने की जिम्मेदारी, उसी ने किया दादी और मां का कत्ल
उत्तर-पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तड़के वेलकम थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सुभाष पार्क गली नंबर-12 में बुजुर्ग विमला देवी (75) और इनकी बहू डॉली (48) की अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। वारदात के समय डॉली के दोनों बेटे सार्थक और शशांक 12 अगस्त की शाम से घूमने के लिए हरिद्वार व मसूरी गए हुए थे। मंगलवार तड़के जब दोनों घर लौटे तो उनको मां और दादी की हत्या का पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हत्यारे दोनों की चाकू से गोदकर हत्या करने के बाद पूरे घर की तलाशी ली थी। शशांक ने पुलिस को बताया कि उसके घर से भारी मात्रा में जेवरात और कैश गायब है।
शशांक ने बताया कि चूंकि मां और दादी घर पर अकेली थीं, इसलिए वह अपने करीबी पारिवारिक दोस्त हर्षित को दुकान, घर और मां व दादी का ध्यान रखने की जिम्मेदारी देकर गया था। पुलिस ने हर्षित को बुलाकर उससे पूछताछ शुरू की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा।
उधर छानबीन करने पर पता चला कि डॉली रोजाना सुबह अपने कुत्ते को घुमाने के लिए बाहर जाती थीं। 14 अगस्त की सुबह वह घर से बाहर नही निकलीं। पड़ोसियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि 13 अगस्त की शाम को डॉली को हर्षित के साथ देखा गया था। वहीं दूसरी जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि विमला देवी चलने-फिरने में असमर्थ थीं। वह अपने छोटे-छोटे कामों के लिए अपनी बहू डॉली को मोबाइल पर 15 से 20 बार कॉल करती थीं। सीडीआर की डिटेल से पता चला कि 13 अगस्त की रात 9 बजे के बाद विमला देवी ने किसी को कॉल नहीं किया। पुलिस ने हर्षित को बुलाकर पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। वहीं हर्षित के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई तो पता चला कि 13 अगस्त की रात को घर में कुछ सामान लेकर आया था। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर घर से लूटा गया कैश और जेवरात बरामद कर लिया गया। लूटपाट के बाद हत्या के मामले में आरोपी हर्षित को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
तकिये से गला घोंटने के बाद चाकू गोदकर उतारा मौत के घाट...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी हर्षित ने बताया कि वारदात वाले दिन वह मोबाइल का चार्जर देने के बहाने घर आया। उस समय डॉली मंदिर से घर आई थीं। वह डॉली के साथ घर आ गए। बातचीत के दौरान उसने तकिये से मुंह दबाकर पहले डॉली का दम घोंटा। इसके बाद उसने चाकू निकालकर उसके पेट में कई वार किए। बाद में वह पहली मंजिल पर मौजूद विमला देवी के कमरे में गया। वहां उनकी भी इसी तरह हत्या करने के बाद आरोपी नीचे आया। उसने घर के पालतु कुत्ते को एक कमरे में बंद कर दिया। चूंकि हर्षित का घर पर आना-जाना था, इसलिए कुत्ता भी उसे अच्छे से पहचानता था। वारदात के बाद आरोपी ने पूरे घर की तलाशी ली और घर से कैश, लाखों के जेवरात और अन्य कीमती सामान लूट लिया। बाद में वह स्कूटी से अपने घर आ गया। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया ज्यादातर सामान बरामद कर लिया। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।