जंतर मंतर पर सोमवार को हुई किसानों की महापंचायत में हजारों लोग शामिल हुए, जबकि चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। धरना स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। यहां जाने के तमाम रास्तों को बंद किया गया था। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल ड्यूटी पर थे, लेकिन अधिक भीड़ देखकर पुलिस ने धरना स्थल पर जाने से किसी को नहीं रोका। चिलचिलाती धूप को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए पीने के पानी का इंतजाम कराया। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की ओर से पानी के कई टैंकर उपलब्ध कराए गए।
किसानों की महापंचायत: चप्पे-चप्पे पर पुलिस, फिर भी हजारों लोग पहुंचे जंतर-मंतर, देखिए तस्वीरें
किसान नेताओं का दावा है कि करीब 10-11 हजार लोग महापंचायत में शामिल हुए। इस दौरान नई बात ये देखने को मिली कि जंतर मंतर पर मुख्य धरना स्थल से सटे उस बैरिकेड को पुलिस ने खोल दिया, जिसे खाने-पीने की दुकानों के सामने लगाया गया था। इसे बड़े से बड़े धरनों के दौरान भी खोला नहीं जाता था। यहां भीड़ का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि अशोक रोड से आगे जंतर मंतर मार्ग से टॉल्सटॉय मार्ग तक और संसद मार्ग पर धरने में आए लोग फैले हुए थे। आसपास की सड़कों पर किसान यूनियन का झंडा थामे लोग दिखाई दे रहे थे।
भीड़ ने धरना स्थल पर लगी बैरिकेडिंग को धकेल दिया। इसके बाद पुलिस ने एक कड़ी को खोलकर आने-जाने का रास्ता बनाया। अशोक रोड गोल चक्कर और संसद मार्ग से जंतर मंतर मार्ग पर जाने वाले वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग लगी थी, लेकिन लोगों के आने-जाने पर रोक नहीं थी।
भीड़ रविवार को ही शहर में आ गई थी। ये लोग गुरुद्वारे व अपनी सुविधा के मुताबिक जगहों पर रात को ठहरे थे। सुबह होते ही भीड़ सीधा जंतर मंतर पहुंचने लगी। अचानक भीड़ को देखकर पुलिस ने लोगों को धरना स्थल पर जाने से नहीं रोका। पुलिस की सूझबूझ से शांति व्यवस्था बरकरार रही।
चिलचिलाती धूप के कारण लोग एक जगह पर ज्यादा देर तक नहीं रुक सकते थे। यहां लोगों के बैठने के लिए दरी बिछाई गई थी, जिसे लोग यहां-वहां खींचकर पेड़ों की छांव में भाग रहे थे। इस दौरान महिलाएं और बुजुर्ग पानी के टैंकर के पास बार बार भागकर पानी भर रहे थे। किसान नेता लोगों को एक जगह बैठने की अपील कर रहे थे लेकिन तेज गर्मी के कारण एक जगह बैठना आसान नहीं था।