शिया वक्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने सोमवार को गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर में सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि महाराज ने विधिवत रूप से पूजा कर उन्हें सनातन धर्म में शामिल कराया। वसीम रिजवी अब जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी हो गए हैं। मंदिर में उन्होंने मां काली की मूर्ति की पूजा की और यज्ञ कर शुद्धिकरण किया।
वसीम रिजवी: किताब विमोचन से कुरान की आयत तक विवाद, अब सनातनी बनकर बोले- इस्लाम कोई धर्म नहीं
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कोई धर्म नहीं है इस्लाम
उन्होंने कहा कि इस्लाम को हम धर्म समझते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब हमें इस्लाम से निकाल दिया गया तो हर जुम्मे के बाद हमारा सर काटने के लिए कहा जाता है।
वसीम की किताब और कुरान की आयतें हटाने पर हुआ था विवाद
वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना के महाकाली मंदिर में दर्शन करने के बाद महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से ही अपनी विवादित किताब का विमोचन कराया था। वसीम रिजवी कुरान की आयतें हटाने की याचिका से भी विवादों में रहे थे। उन्होंने कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था 50 हजार का जुर्माना
उनका तर्क था कि कुरान की 26 आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं। मामला काफी दिनों तक चर्चा में रहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने रिजवी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा भी कई मर्तबा रिजवी अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं।