लंबी जद्दोजहद और कानूनी लड़ाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री स्व. एनडी तिवारी ने रोहित को अपना बेटा माना था और उनकी मां उज्ज्वला से सबके समक्ष 88 साल की उम्र में विवाह करके इस गुमनाम रिश्ते को पवित्र रिश्ते का नाम दिया। मंगलवार को उन्हीं रोहित शेखर की कथित दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। रोहित की जिंदगी जिस तरह पहेली भरी रही थी, अब उनकी मौत भी एक रहस्य बन गई है। जिस संदिग्ध अवस्था में उनका शव मिला है उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए रोहित शेखर की जिंदगी के के बारे में सबकुछ...
पहेली थी जिंदगी, मौत बनी रहस्य, पढ़िए एनडी तिवारी के बेटे रोहित के बारे में सबकुछ
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नाम : रोहित शेखर तिवारी
पिता : स्व. नारायण दत्त तिवारी
माता : उज्ज्वला तिवारी
पत्नी : अपूर्वा
जन्म : 1979
मृत्यु : 16 अप्रैल 2019
उम्र : 40 वर्ष
जन्म स्थान : दिल्ली
राजनीति में कॅरिअर बनाने की इच्छा कभी बीजेपी, कभी सपा और कभी कांग्रेस से जुड़ने के असमंजस के बीच परवान नहीं चढ़ पाई। अभी छह दिन पहले उन्होंने अंतत: कांग्रेस से जुड़ने की सार्वजनिक घोषणा की तो अचानक काल ने उन्हें आ घेरा। कैसा विचित्र संयोग है कि जिस पिता ने छह दशक शिखर की राजनीति की उनके पुत्र का राजनीतिक सफर कुछ दिन का रहा। अपने विवाह की सालगिरह से लगभग एक माह पहले ही उनका निधन हो गया।
रोहित ने जीवन के 19 बेहतरीन वर्ष केवल मां को उनका सम्मान और खुद को पिता के प्यार का अधिकार दिलाने के संघर्ष में बिताए। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2014 में उन्हें यह अधिकार मिला तो पिता का प्यार पाने से ज्यादा उनकी देखरेख और सेवा में बिता दिया।