ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार से निपटना बड़ी चुनौती होगी। इसमें स्मॉग गन, स्प्रिंक्लर और दमकल की गाड़ियों के साथ हवा की भूमिका भी अहम होगी। अगर उस समय हवा चली तो धूल का गुबार जल्द खत्म हो जाएगा।
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गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई
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जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने शनिवार को ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण को लेकर विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ध्वस्तीकरण के बाद धूल के गुबार की रणनीति की जानकारी ली। दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर तैनात रहेंगी। ध्वस्तीकरण के बाद इन गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही, अगर आग की घटना होती है तो फिर उस पर काबू पाया जाएगा।
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नोएडा ट्विन टावर
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जिलाधिकारी ने दमकल विभाग से कहा कि दमकल गाड़ियों की संख्या में इजाफा करें। कंपनियों की गाड़ियों की भी सहायता ली जाए। इन गाड़ियों को एक्सप्रेसवे पर लगाया जाएगा। अन्य जनपदों की गाड़ियों को भी अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ी तो गाड़ियों को बुलाया जा सके। बैठक में यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि करीब 10 एंटी स्मॉग गन को लगाया गया है। इससे धूल को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। स्मॉग गन की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। सभी बिल्डरों की स्मॉग गन ट्विन टावर के पास लगाने को कहा गया है।
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ट्विन टावर
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31 तक होगी वायु प्रदूषण की निगरानी
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ट्विन टावर के आसपास छह से अधिक अस्थायी मशीनों को लगाया है। इनकी मदद से टीम 31 अगस्त तक वायु प्रदूषण पर निगरानी रखेगी। रोजाना दस बजे वायु प्रदूषण के आंकड़े जारी किए जाएंगे। साथ ही, अन्य मशीनों से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक देखा जाएगा। अफसरों ने बताया कि करीब 15 मिनट में धूल हटने की संभावना है।
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लावारिस पशु
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लावारिस पशुओं का भी रखना होगा ध्यान
डीएम ने पशु चिकित्सा विभाग और वन विभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ट्विन टावर के आसपास लावारिस पशुओं का भी ध्यान रखें। किसी को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। इसके लिए टीम तैनात रहेगी।