दिल्ली-एनसीआर में आतंक का पर्याय रहे अनिल दुजाना का मेरठ में गुरुवार को एनकाउंटर हो गया। यूपी एसटीएफ ने माफिया को दौड़ा-दौड़ाकर मुठभेड़ में मार गिराया। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि अनिल दुजाना से मुठभेड़ के दौरान 15-20 राउंड फायरिंग हुई। उसके पास से दो पिस्टल और कई गोलियां बरामद हुई हैं।
तस्वीरों में देखें दुजाना का दी एंड: गैंगस्टर को दौड़ा-दौड़ाकर STF ने ठोका, पूरे NCR में था अनिल का आतंक
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बता दें कि एक सप्ताह पहले ही कुख्यात अनित दुजाना जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसके बाहर आने पर कई लोग दहशत में थे। 2000 से पूर्व अनिल दुजाना, सुंदर भाटी के लिए अवैध सरिया का कारोबार का कार्य करता था। वह अवैध सरिया कारोबार से हुई कमाई का कुछ हिस्सा सुंदर माटी को देता था। चूंकि अनिल दुजाना कुख्यात किस्म का अपराधी नहीं था, इसलिए अपराध जगत में अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए इसने सुंदर भाटी के नाम का सहारा लिया और धीरे-धीरे अपराध कर अपना नाम विख्यात करता रहा।
जानकारी के अनुसार कुख्यात अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल पर सक्रिय होने की पुख्ता जानकारी होने के बाद एसटीएफ ने उसे चारों ओर से घेर लिया। बताया गया कि पुलिस पर फायरिंग करते हुए वह फरार होने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
हाल ही में आया था तिहाड़ से
कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना पिछले काफी समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था, लेकिन कुछ समय पहले वह जमानत पर बाहर आया था। बताया जाता है कि इसकी जानकारी मॉनिटरिंग सेल के द्वारा पुलिस को भेजी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इसमें संज्ञान नहीं लिया।
जेल से बाहर आते ही देने लगा था हत्या की धमकी
जेल से बाहर आते ही अनिल दुजाना ने जयचंद प्रधान मर्डर केस में उसकी पत्नी और गवाह संगीता को धमकी दी। जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए अनिल दुजाना के खिलाफ पिछले सप्ताह में दो मुकदमे दर्ज किए।