हत्या से 40 दिन पहले 19 अगस्त को बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के मेहसाणा गांव में रागनी गायिका सुषमा पर जानलेवा हमला हुआ था। हमला पूर्व नियोजित था और सुषमा ने सोशल मीडिया पर मौत को करीब से देखने का लाइव वीडियो बनाकर पूरी जानकारी दी थी। हमले का मुख्य आरोपी प्रमोद अब तक फरार है।
रागनी गायिका हत्याकांडः सुषमा ने मौत को करीब से देख लाइव वीडियो में बयां की थी ये दास्तां
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सुषमा प्रमोद से परिचित नहीं थी। लेकिन, उसे आशंका थी कि इस हमले के पीछे किसी अन्य का हाथ और बड़ी साजिश है। यही कारण है कि कई बिंदुओं पर जांच के साथ ही पुलिस जानलेवा हमले और हत्या के बीच का भी लिंक तलाश रही है। 19 अगस्त को हुए हमले के बाद सुषमा ने यूट्यूब पर लाइव वीडियो पोस्ट किया था। सुषमा ने 17 मिनट 49 सेकेंड के वीडियो में बताया था कि प्रमोद नाम के अपरिचित व्यक्ति ने उसके पास कॉल कर मेहसाणा गांव में कार्यक्रम की बुकिंग की थी।
कार्यक्रम पहले 7 अगस्त को होना था, लेकिन बाद में अचानक कार्यक्रम की तिथि बदलकर 19 अगस्त कर दी गई। 19 अगस्त को वह बुलंदशहर पहुंची और अग्रसेन स्कूल के पास से प्रमोद को फोन किया। वीडियो में सुषमा ने कहा था कि कॉल करने के लगभग 20 मिनट बाद प्रमोद वहां पहुंचा था। इसके बाद वह जंगल के रास्ते उन्हें एक जगह पर ले गया और एक मकान दिखाते हुए कहा कि यही मेरा मकान है। सुषमा को उसकी गतिविधि से शक हो रहा था, लेकिन उसके साथ अन्य कलाकार भी थे इसलिए वह डरी नहीं थी।
कुछ देर बाद प्रमोद ने किसी व्यक्ति को कॉल कर कहा कि वह दो-तीन मिनट में पहुंचने वाले हैं। इसके कुछ देर बाद ही सुषमा की कार को अज्ञात हमलावरों ने घेर लिया। आरोपी रॉड आदि से हमला कर उन्हें बाहर निकलने के लिए धमकाने लगे। आरोपियों के हाथ में तमंचे भी थे। तभी सुषमा के भाई ने गाड़ी पूरी तरह लॉक कर दी। इस पर आरोपी हमला करने लगे और कार के शीशे टूटकर सुषमा और उनके साथियों को लगे और वह जख्मी हो गए। सुषमा का कहना था कि कुछ देर तक यह सब चलता रहा, तभी उसे लगा कि अब उनकी मौत तय है। इसलिए उसने भाई से गाड़ी भगाने को कहा था। भाई के तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते ही आरोपी हट गए और वह मौत को मात देकर वहां से निकल आए।
डेढ़ किमी दूर गांव में मिली मदद
सुषमा और उसके साथी करीब डेढ़ किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद एक गांव पहुंचे और वहां कुछ महिलाओं आदि ने उनकी मदद की। वहीं से सुषमा ने एक दरोगा और यूपी-100 को कॉल कर सूचना दी। इस मामले में बुलंदशहर कोतवाली देहात की नई मंडी रिपोर्टिंग चौकी में प्रमोद व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया। लेकिन, अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। अब, लगभग 40 दिन बाद सुषमा की बुलंदशहर से लौटने के तुरंत बाद ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद से पुलिस प्रमोद को सरगर्मी से तलाश रही है। आशंका है कि हमले और हत्या की साजिश एक ही व्यक्ति ने रची हो।