बिल्डिंग हादसा: एक पल में बिखर गई बसी-बसाई दुनिया, अपनों का शव देख बिलख पड़ते हैं लोग
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शिनाख्त के बाद भी नाती के सामने किया मना
दिल्ली में रहने वाली रंजना अपनी मम्मी और भाई के साथ दिल्ली में नाना-नानी के पास रहती हैं। इसी साल उसने 12 वीं की परीक्षा पास की है और महाराजा अग्रसेन कॉलेज में दाखिला लिया है। उसके पिता शाहबेरी की इस बिल्डिंग में मिस्त्री का काम करते थे। हफ्ते में एक दिन वो परिवार से मिलने के लिए जाते हैं। मंगलवार को काम खत्म करके बुधवार की सुबह परिवार के पास जाना था।
रंजना ने बताया कि उसके पापा रंजीत के एक दोस्त का सुबह फोन आया था कि जहां पर पापा काम करते हैं वो बिल्डिंग गिर गई है। हम लोग यहां पर आए तो पुलिस ने बताया कुछ शवों को चाइल्ड पीजीआई की मोर्चरी में रखा गया है। हम लोग यहां पर आए हैं। रंजना बार-बार दोहरा रही थी कि मेरे पिता को कुछ नहीं हो सकता। नानी ने बताया कि रंजना को सदमा लग गया है। इसलिए अभी उसके पापा की मौत की खबर उसको नहीं दी गई है। मैंने शव की शिनाख्त कर ली है, लेकिन उसके सामने मना कर दिया है। रंजना अभी ये दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाएगी।
घर बसने से पहले ही छोड़ दी दुनिया
फैजाबाद में रहने वाले शमशाद की मां का दो महीने पहले देहांत हो गया था। नवंबर माह में उसकी और दोनों बहनों की शादी होनी थी। इसलिए वो अपने बड़े भाई के साथ काम के लिए नोएडा आया था। बिल्डिंग में शमशाद अपने भाई कल्लू के साथ पेंटिंग का काम करता था। दोनों इसी बिल्डिंग में रहते हैं। जैसे ही घरवालों ने टीवी पर खबर देखी तो तुरंत सर्फाबाद में रहने वाले चाचा को फोन करके पता करने के लिए बोला।