{"_id":"5d49ce4e8ebc3e6ccc03d665","slug":"sumasha-swaraj-became-the-youngest-cabinet-minister-of-the-country","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"देश की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं थीं सुषमा स्वराज, 1970 में रखा था राजनीति में कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री बनीं थीं सुषमा स्वराज, 1970 में रखा था राजनीति में कदम
Wed, 07 Aug 2019 12:30 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 07 Aug 2019 12:30 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात को निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं। वह 67 साल की थीं। आइए जानते हैं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के राजनीतिक सफर की शुरूआत कैसे और कब हुई।
sushma swaraj
- फोटो : ANI
सुषमा स्वराज की पहचान अच्छी वक्ता और कुशल राजनेता के साथ साथ देश की सबसे कम उम्र की मंत्री बनने की भी रही। वर्ष 1977 में वह महज 25 वर्ष की उम्र में हरियाणा में कैबिनेट मंत्री बनीं। साथ ही संस्कृत में उनके कौशल को भी मान दिया जाता था। उनका जन्म 1953 में अंबाला में हुआ। यहां उनके पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे।
फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
मां लक्ष्मी देवी को भी सामाजिक कार्यों की वजह से जाना जाता था। 2015 में विदेश मंत्री के तौर पर पाकिस्तान के दौरे में नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज से बातचीत के दौरान उन्होंने खुलासा किया था कि उनका परिवार मूलत: लाहौर के निकट धरमपुरा का रहने वाला था। सुषमा ने अंबाला कैंट में सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत और राजनीति शास्त्र में डिग्री हासिल की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुषमा स्वराज फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी से उन्होंने वकालत की पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने लगातार तीन वर्ष हरियाणा में होने वाले राज्य स्तरीय हिंदी वक्ता अवार्ड जीत कर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया। पढ़ाई पूरी होने के बाद वे 1973 में मात्र 20 वर्ष की उम्र में सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने लगीं।
विज्ञापन
सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
करिश्माई वक्ता और नई पीढ़ी की नेता मानी जाने वाली सुषमा स्वराज ने वर्ष 1970 में छात्र नेता के रूप में भारतीय राजनीति में अपनी शुरुआत की थी।
जनता पार्टी में शामिल होने के बाद आपातकाल के खिलाफ सक्रिय रूप से भाग लिया था।
जनता पार्टी में शामिल होने के बाद आपातकाल के खिलाफ सक्रिय रूप से भाग लिया था।