एक नहीं पांच भाई, पढ़ें सुषमा स्वराज की निजी जिंदगी से जुड़े दो ऐसे सच, शायद ही कोई जानता हो
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पलवल में जन्मी और अंबाला में नाना के घर हुआ लालन-पालन
अंबाला में अपने नाना के यहां रहकर पली बढ़ी हुई सुषमा स्वराज का जन्म पलवल में कानून गोयान मोहल्ला निवासी छैल मोहन भारद्वाज के घर में 1952 में हुआ था। उनके पिता छैल मोहन यहां के गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे। वे एक कवि व अच्छे वक्ता थे। सुषमा स्वराज भी अपने पिता की तरह बोलने में माहिर थी तथा उन्हें वाकपटुता अपने पिता छैल मोहन भारद्वाज से मिली थी।
पहली पत्नी के निधन के बाद पिता ने की दूसरी शादी
जब सुषमा स्वराज मात्र सात-आठ साल की थी तब उनकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली। तब उनके नाना उन्हें, उनकी बहन वंदना शर्मा, भाई गुलशन व अरविंद को अपने साथ अंबाला ले गए। वहीं रहकर सुषमा स्वराज व उनके भाइयों तथा बहन ने शिक्षा ग्रहण की।
सुषमा जी के थे कुल पांच भाई, सौतेले भाई हनुमत थे सबसे प्रिय
पलवल में उनके दूसरे भाई गिरीराज शरण भारद्वाज, हनुमत भारद्वाज, हरिओम भारद्वाज अपनी मां माया देवी के साथ रहते थे। सुषमा के छोटे भाई अरविंद का पलवल में ही कुछ साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। उस समय वे केंद्र में विदेश मंत्री थीं। पलवल से उनका नाता होने के कारण अक्सर वे यहां आया करती थीं। वे जितनी बार भी पलवल आईं ऐतिहासिक पंचोवन मंदिर पर दर्शन करने अवश्य जाती थीं। उनका अपने सबसे छोटे भाई हनुमत भारद्वाज से ज्यादा लगाव था।