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एक नहीं पांच भाई, पढ़ें सुषमा स्वराज की निजी जिंदगी से जुड़े दो ऐसे सच, शायद ही कोई जानता हो

Thu, 08 Aug 2019 05:13 PM IST
पूजा त्रिपाठी अनूप पाराशर, अमर उजाला, पलवल
अनूप पाराशर, अमर उजाला, पलवल Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 08 Aug 2019 05:13 PM IST
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sushma swaraj rare photos of paternal house step other relatives and childhood stories
sushma swaraj - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय नेताओं में शुमार भाजपा की वरिष्ठ नेत्री व पूर्व विदेश मंत्री पलवल में जन्मी सुषमा स्वराज के निधन की सूचना जैसे ही यहां के लोगों तक पहुंची तो उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। निधन की सूचना मिलते ही परिवार और आसपास के लोग उनके घर पहुंच गए तथा परिवार को सांत्वना दी। जिले के अन्य हिस्सों से जब लोग उनके पलवल पैतृक घर पहुंचे, तब तक परिवार के लोग दिल्ली जा चुके थे।


काफी संख्या में पलवल से भी लोग सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। उनकी पलवल से जुड़ी यादों को याद कर वे लोग आंसू बहा रहे हैं, जिन्होंने सुषमा का बचपन देखा था तथा आज वे बुजुर्ग होने के कारण उनको श्रद्धांजलि देने तक नहीं जा सकते हैं। इन लोगों ने सुषमा के जीवन के कुछ ऐसे राज खोले हैं जिसे शायद ही आप जानते हों। हमारी इस स्टोरी में पढ़िए वही बातें....
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सुषमा स्वराज का पैतृक घर पलवल में, यहीं जन्म हुआ था - फोटो : अमर उजाला

पलवल में जन्मी और अंबाला में नाना के घर हुआ लालन-पालन

अंबाला में अपने नाना के यहां रहकर पली बढ़ी हुई सुषमा स्वराज का जन्म पलवल में कानून गोयान मोहल्ला निवासी छैल मोहन भारद्वाज के घर में 1952 में हुआ था। उनके पिता छैल मोहन यहां के गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे। वे एक कवि व अच्छे वक्ता थे। सुषमा स्वराज भी अपने पिता की तरह बोलने में माहिर थी तथा उन्हें वाकपटुता अपने पिता छैल मोहन भारद्वाज से मिली थी।

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तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के जन्मदिन पर उनके निवास पर बधाई देने पहुंचे पूर्व विधायक चंदर भाटिया व उनके बेटे रोहित उनसे आशीर्वाद लेते हुए - फोटो : अमर उजाला

पहली पत्नी के निधन के बाद पिता ने की दूसरी शादी

जब सुषमा स्वराज मात्र सात-आठ साल की थी तब उनकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद उनके पिता ने दूसरी शादी कर ली। तब उनके नाना उन्हें, उनकी बहन वंदना शर्मा, भाई गुलशन व अरविंद को अपने साथ अंबाला ले गए। वहीं रहकर सुषमा स्वराज व उनके भाइयों तथा बहन ने शिक्षा ग्रहण की।
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सुषमा स्वराज अपने भाई गुलशन, हनुमत भारद्वाज व बहन वंदना शर्मा के साथ पलवल में - फोटो : अमर उजाला

सुषमा जी के थे कुल पांच भाई, सौतेले भाई हनुमत थे सबसे प्रिय

पलवल में उनके दूसरे भाई गिरीराज शरण भारद्वाज, हनुमत भारद्वाज, हरिओम भारद्वाज अपनी मां माया देवी के साथ रहते थे। सुषमा के छोटे भाई अरविंद का पलवल में ही कुछ साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। उस समय वे केंद्र में विदेश मंत्री थीं। पलवल से उनका नाता होने के कारण अक्सर वे यहां आया करती थीं। वे जितनी बार भी पलवल आईं ऐतिहासिक पंचोवन मंदिर पर दर्शन करने अवश्य जाती थीं। उनका अपने सबसे छोटे भाई हनुमत भारद्वाज से ज्यादा लगाव था।

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पलवल में अपने पैतृक निवास पर अपनी मां माया के साथ स्व. सुषमा स्वराज - फोटो : अमर उजाला

सौतेली मां ने बताया प्रतिभावान

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सौतेली मां माया देवी ने बताया कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि सुषमा स्वराज उनके बीच में नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वह पलवल में मिलने के लिए समय समय पर आती रहती थी। सुषमा की भाभी सरोज शर्मा ने बताया कि सुषमा स्वराज का सभी के साथ अच्छा व्यवहार था। वह सभी से प्यार करती थी। जब भी घर पर आती थी तो घर के हर सदस्य से अलग से मुलाकात करती थी। वो बहुत समझदार थी और अपने भाईयों को भी सही सलाह देती थी। सुषमा स्वराज को आगे बढ़ाने में उनके पिताजी का सबसे बड़ा हाथ था। वो हमेशा सुषमा से कविता पाठ करवाते और भाषण लिखकर घर के कमरे में ही स्टेज बनाकर सुषमा से बोलने के लिए कहते थी। सुषमा स्वराज की सहेली कामिनी ने बताया कि बचपन में सुषमा के साथ खिलौने से खेलती थी और झूला झूलती थी। उनके साथ बचपन की यादें जुड़ी हुई है। 
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