आमतौर पर भारतीय समाज में अंतिम संस्कार बेटे के हाथों करने की प्रथा चलती आई है, मगर समय-समय पर बेटियों ने अपने पिता या माता की अंतिम रस्में निभाकर समानता का संदेश दिया है। अभी बुधवार को अपनी मां सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार करने के कारण बांसुरी स्वराज की भी चर्चा हो रही है।
सुषमा की बेटी बांसुरी ही नहीं, इन बेटियों ने भी किया है अपनों का अंतिम संस्कार
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भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल्ली के लोधी रोड स्थित विद्युत शवदाह गृह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार उनकी बेटी बांसुरी स्वराज ने किया। उनकी बेटी बांसुरी ने मां के अंतिम रस्मों को पूरा किया। इस दौरान उनके पिता स्वराज कौशल भी मौजूद थे।
अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि देने वाली बेटी का नाम नमिता भट्टाचार्य है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बी एन कौल और राजकुमारी कौल की बेटी नमिता वाजपेयी की दत्तक पुत्री हैं। वाजपेयी जी ने उन्हें गोद लिया था। नमिता की मां राजकुमारी कौल और वाजपेयी ग्वालियर के मशहूर विक्टोरिया कॉलेज में साथ ही पढ़ाई करते थे।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के कुछ ही सप्ताह के भीतर एक सड़क दुर्घटना में भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार की सारी रस्में और मुखाग्नि देने का काम बड़ी बेटी पंकजा मुंडे ने पूरा किया था।
16 फरवरी 2015 को अज्ञात लोगों ने गोली मारकर भाकपा नेता गोविंद पंसारे की हत्या कर दी गई थी। गोविंद पंसारे ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। इसके बाद उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए कोल्हापुर लाया गया था, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी में उनकी बेटी ने अंतिम संस्कार की सारी रस्में पूरी कीं थीं।