शाहबेरी गांव में गिरी दो इमारतों के मलबे से बृहस्पतिवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने नौवां शव निकाला। शव इमारत में पीओपी का कार्य करने वाले युवक का है। उसके सगे और चचेरे भाई के शव बुधवार को ही निकाले जा चुके हैं। वहीं, 24 आरोपियों में से पांचवें आरोपी दिल्ली के ओखला निवासी कासिम को बिसरख पुलिस ने तिगरी गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। कासिम ने इमारत बेचने के लिए गृहस्वामियों से कई तरह के झूठ बोले थे। उसने भूमि और इमारत को प्राधिकरण के नक्शे में पास भी बताया था।
शाहबेरी बिल्डिंग हादसा: मलबे से निकाला नौवां शव, एक और आरोपी गिरफ्तार
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पुलिस के अनुसार, एनडीआरएफ की पांच टीमें मलबा निकालने के लिए तेजी से जुटी हुई हैं। एक टीम में करीब 47 जवान शामिल हैं। बुधवार रात में जहां तीन जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा था बृहस्पतिवार को पांच जेसीबी लगा दी गईं। इसके बाद मलबे से नौवां शव पीओपी का कार्य करने वाले नौशाद अहमद (23) पुत्र मुख्तयार अहमद निवासी छोटी पलिया फैजाबाद का निकाला गया। रमजान के पांचवें रोजे को ही उसकी मां की भी मौत हो गई थी। दो दिन पहले ही वह गांव से आया था। बुधवार को उसके सगे भाई शमशाद और चचेरे भाई मोहम्मद मोबिन उर्फ सोनू का भी शव निकाला जा चुका था।
प्राधिकरण हो या प्रशासन, दोषियों को मिलेगी सजा : मंडलायुक्त
बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर पहुंचीं मेरठ मंडलायुक्त अनीता मेश्राम ने एनडीआरएफ टीम और प्रशासनिक-पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर बचाव कार्य की जानकारी हासिल की। इस दौरान अवैध इमारतों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कमिश्नर ने कहा कि सभी मिली शिकायतों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। वे भी जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को जल्द भेजेंगी।
गलती प्राधिकरण की हो या फिर जिला प्रशासन की दोषी मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इमारतों के बनने में प्राधिकरण या पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत सामने आती है तो कार्रवाई होगी। राहत-बचाव कार्य कब तक पूरे हो सकेंगे इस सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों के दबे होने की संभावना है जिससे बचाव कार्य संभलकर किया जा रहा है। वहीं, जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि फैजाबाद के एक मजदूर के भी मलबे में दबे होने की संभावना है। परिवार ने सूचना दी है कि उनका मोबाइल नहीं मिल रहा है।
शनिवार तक चलेगा राहत कार्य
एनडीआरएफ ने उम्मीद जताई है कि शुक्रवार रात या शनिवार सुबह तक पूरा मलबा हटाया जा सकेगा। निर्माणाधीन इमारत में भी कुछ मजदूरों के फंसे होने की संभावना के कारण संभलकर बचाव कार्य किया जा रहा है, ताकि यदि कोई जीवित है तो उसे सही सलामत बचाया जा सके।