देश में लगातार तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सियासत गरमाने लगी हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार के खतरे को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने रविवार, 11 अप्रैल, 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र भी लिखा है। पत्र में प्रियंका ने कहा कि भीड़-भाड़ वाले परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असंभव होगा। ऐसे में सरकार को परीक्षाओं को लेकर राहत वाले कदम उठाना चाहिए।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा : प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र, परीक्षाएं रद्द करने की रखी मांग
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोविड-19 के संक्रमण के खतरे को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।
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मंत्री को लिखे अपने पत्र में प्रियंका वाड्रा ने चेताया कि महामारी के तेजी से बढ़ते मामलों के दौरान बच्चों को इन परीक्षाओं में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यदि किसी भी परीक्षा केंद्र एक बड़ी संख्या में बच्चों के परीक्षा में भाग लेने पर कोई भी महामारी से संक्रमित होता है तो इसके लिए सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और सीबीएसई बोर्ड इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या वे इस महामारी से प्रभावित होने वाले छात्रों या अन्य लोगों के लिए कानूनी दायित्व के लिए तैयार हैं?
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि देश भर में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। ऐसे में, लाखों अभिभावकों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच बच्चों के परीक्षाओं में शामिल होने पर संक्रमण की चपेट में आने की आशंका व्यक्त की है। इस तरीके से छात्र महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आशंका वाजिब है क्योंकि जानलेवा महामारी के साये में परीक्षा देना बच्चों में अनावश्यक तनाव पैदा करेगा। इससे विद्यार्थियों की परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता पर भी असर पड़ेगा। पत्र में प्रियंका ने कहा, वे सही मायने में मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, मुझे उम्मीद है कि सरकार स्कूल, छात्रों और उनके माता-पिता के साथ संवाद कायम करेगी, ताकि उनके शैक्षणिक दायित्वों को पूरा करने के प्रति उनके लिए एक सुरक्षित रास्ता निकल सके।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि के तौर पर बच्चों की सुरक्षा की चिंता और उनका मार्गदर्शन करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जहां एक ओर तकरीबन हर राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी दिशानिर्देश जारी हो रहे हैं, ऐसे में दूसरी ओर किस नैतिकता के साथ हम स्कूलों में बच्चों को कैसे एकत्रित होने को मजबूर कर सकते हैं।
देश भर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच छात्रों व उनके अभिवावकों ने CBSE परीक्षा 2021 को लेकर कुछ वाजिब चिंताएं जाहिर की हैं।
बता दें कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 के संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के मुताबिक 10वीं कक्षा की परीक्षा चार मई से सात जून के बीच होगी, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षा चार मई से 15 जून के बीच आयोजित की जाएगी। सीबीएसई अधिकारियों ने कहा है कि छात्रों के बीच सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए देश भर में परीक्षा केंद्रों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
My letter to the Minister of Education @DrRPNishank asking him to reconsider allowing the CBSE to conduct board exams under the prevailing COVID wave. pic.twitter.com/Ai4Zl796il

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