सोमवार को निर्वाचन आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। आयोग ने बताया कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी 2020 को चुनाव होंगे और 11 फरवरी को मतों की गणना के बाद नतीजे आएंगे। इसी घोषणा के साथ दिल्ली में अब आचार संहिता लागू हो गई है। चुनावों में आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाकर चुनाव प्रचार में जुट गई है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अब तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की है।
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Delhi CMs: कौन थे दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री, इस सीएम को 49 दिन में ही देना पड़ा था इस्तीफा
Tue, 07 Jan 2020 04:20 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क
एजुकेशन डेस्क
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 07 Jan 2020 04:20 PM IST
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चौधरी ब्रह्म प्रकाश
जन्म : 16 जून 1918
कार्यकाल : 17 मार्च 1952 - 12 फरवरी 1955
पार्टी : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
मृत्यु : 1993
कार्यकाल : 17 मार्च 1952 - 12 फरवरी 1955
पार्टी : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
मृत्यु : 1993
- चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे। दिल्ली में पहली बार साल 1952 में चुनाव हुए। बहुत कम लोगों को पता है कि चुनावों के बाद देशबंधु गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा हुई थी। लेकिन प्लेन क्रैश में उनकी आकस्मिक मृत्यु के बाद चौधरी ब्रह्म प्रकाश को मुख्यमंत्री बनाया गया था। चौधरी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वो महात्मा गांधी से काफी प्रभावित थे।
- साल 1940 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में वो भूमिगत नेताओं में से एक थे। स्वतंत्रता संग्राम के समय चौधरी कई बार जेल गए। चौधरी भ्रह्म प्रकाश पश्चिमोत्तर दिल्ली के शकूरपुर से थे। राष्ट्र के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उनके सम्मान में 11 अगस्त 2001 को स्मारक डाक टिकट जारी किया गया था।
गुरुमुख निहाल सिंह
जन्म : 14 मार्च, 1895
कार्यकाल : 12 फरवरी 1955 - 01 नवंबर 1956
पार्टी : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
कार्यकाल : 12 फरवरी 1955 - 01 नवंबर 1956
पार्टी : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- राजस्थान के प्रथम राज्यपाल सरदार गुरूमुख निहाल सिंह ने रियासतों के पुनर्गठन के बाद 1 नवम्बर, 1956 को पदभार संभाला तथा 15 अप्रैल, 1962 तक इस पद पर आसीन रहे। उनका जन्म 14 मार्च, 1895 को अविभाजित पंजाब में हुआ। सिंह ने लंदन विश्वविद्यालय से बीएससी (अर्थशास्त्र) की उपाधि प्राप्त की। साल 1920 में वो काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक नियुक्त हुए। बाद में कला संकाय के अधिष्ठाता बनाए गए। साल 1939 से 1943 तक वो अहमदाबाद स्थित एचएल वाणिज्य महाविद्यालय, 1943 से 1949 तक रामजस कॉलेज, दिल्ली और जनवरी, 1950 से श्रीराम कॉलेज, दिल्ली के प्राचार्य रहे।
- साल 1952 के प्रथम आम चुनाव में सरदार गुरुमुख निहाल सिंह दिल्ली विधान सभा के सदस्य और 07 मई, 1952 को विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। साल 1955 में उनको कांग्रेस विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। 12 फरवरी, 1955 से 01 नवंबर 1956 को दिल्ली विधानसभा का अस्तित्व समाप्त होने तक वो मुख्यमंत्री पद पर रहे।
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मदल लाल खुराना
जन्म : 15 अक्तूबर 1936
कार्यकाल : 02 दिसंबर 1993 - 26 फरवरी 1996
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
मृत्यु : 27 अक्टूबर 2018
कार्यकाल : 02 दिसंबर 1993 - 26 फरवरी 1996
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
मृत्यु : 27 अक्टूबर 2018
- मदन लाल खुराना साल 1993 से 1996 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद वे राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। खुराना शुरू से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। मदनलाल खुराना उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जो भाजपा के गठन से पहले से ही संघ परिवार से जुड़े हुए थे। वे साल 1965 से 1967 तक जनसंघ के महासचिव रहे और दिल्ली में जनसंघ के चर्चित चेहरों में रहे।
- 1990 के दशक में मदनलाल खुराना भाजपा की दिल्ली इकाई का चेहरा थे। कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें 'दिल्ली का शेर' भी कहा जाता था। खुराना का जन्म ब्रिटिश भारत के ल्याल्लपुर (वर्तमान फैसलाबाद) में हुआ। भारत के विभाजन के समय उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा और नई दिल्ली के कीर्ति नगर के शरणार्थी शिविर में रहे। उन्होंने अपनी स्नातक की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से प्राप्त की। इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से भी शिक्षा ग्रहण की जहां उनकी छात्र राजनीति की शुरुआत हुई और वो यहां छात्रसंघ के महामंत्री भी चुने गए।
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साहिब सिंह वर्मा
साहिब सिंह वर्मा
- फोटो : file photo
जन्म : 15 मार्च 1943
कार्यकाल : 26 फरवरी 1996 - 12 अक्तूबर 1988
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
मृत्यु : 30 जून 2007
कार्यकाल : 26 फरवरी 1996 - 12 अक्तूबर 1988
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी
मृत्यु : 30 जून 2007
- साहिब सिंह वर्मा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और तेरहवीं लोकसभा के सांसद थे। साल 2002 में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी सरकार में श्रम मंत्री नियुक्त किया था। इससे पूर्व साहब सिंह साल 1996 से 1998 तक दिल्ली प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। साहिब सिंह का जन्म बाहरी दिल्ली के मुण्डका गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सामान्य स्वयंसेवक के रूप में की।
- साहिब सिंह वर्मा ने एमए करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पुस्तकालय विज्ञान में पीएचडी की डिग्री ली और शहीद भगत सिंह कॉलेज दिल्ली में लाइब्रेरियन के रूप में नौकरी की। मुख्यमंत्री बनने से पहले तक वे लाइब्रेरियन के पद पर काम करते रहे। 30 जून 2007 को जयपुर-दिल्ली हाईवे पर एक कार-दुर्घटना में उनका देहान्त हो गया।
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