😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Hindi News
›
Photo Gallery
›
Education
›
Reason behind the rocket launch from Sriharikota know why this place is important for ISRO
{"_id":"64c9f6252cae459c950a6bcb","slug":"reason-behind-the-rocket-launch-from-sriharikota-know-why-this-place-is-important-for-isro-2023-08-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Indian Space Centre: श्रीहरिकोटा से ही रॉकेट लॉन्च करता है इसरो, जानिए क्यों खास है ये जगह","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
Indian Space Centre: श्रीहरिकोटा से ही रॉकेट लॉन्च करता है इसरो, जानिए क्यों खास है ये जगह
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 02 Aug 2023 11:52 AM IST
सार
भारत के श्रीहरिकोटा से साल 1971 से ही रॉकेट लॉन्च किया जा रहा है। दरअसल, श्रीहरिकोटा को भारत का लॉन्चिंग स्टेशन कहा जाता है।
विज्ञापन
1 of 5
ISRO
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
भारत के श्रीहरिकोटा से साल 1971 से ही रॉकेट लॉन्च किया जा रहा है। दरअसल, श्रीहरिकोटा को भारत का लॉन्चिंग स्टेशन कहा जाता है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) इस जगह को काफी अहम मानते हैं। इसके पीछे का कारण क्या है, इसके बारे में यहां जानेंगे।
Trending Videos
इसरो के लिए अहम है श्रीहरिकोटा
2 of 5
चंद्रयान- 2
- फोटो : इसरो
श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश के तट पर बसा हुआ एक द्वीप है। यहीं भारत का प्राइमरी स्पेसपोर्ट सतीश धवन स्पेस सेंटर है। साल 1969 में श्रीहरिकोटा को भारत का सैटेलाइट लॉन्चिंग स्टेशन के तौर पर चुना गया था। यह जगह इक्वेटर के ज्यादा पास होने के कारण इसरो के लिए काफी अहम माना जाता है।
सैटेलाइट पृथ्वी की परिक्रमा इक्वेटर के पास ही करते हैं और श्रीहरिकोटा इक्वेटर के ज्यादा पास होने के कारण इसरो रॉकेट की लॉन्चिंग यहीं से करता है। इक्वेटर के पास होने के कारण यहां से रॉकेट लॉन्चिंग में पैसों की भी काफी बचत होती है।
श्रीहरिकोटा से लॉन्च होने का कारण
4 of 5
Chandrayaan 3
- फोटो : Social Media
स्पेसपोर्ट को इंसानों के रहने वाली जगह से दूर तटीय, रेगिस्तान या आइलैंड में बनाया जाता है। दरअसल, कई बार रॉकेट लॉन्च के बाद उसके कई अवशेष धरती पर गिरते हैं, ऐसे में श्रीहरिकोटा समुद्री तट पर स्थित होने के कारण रॉकेट का अवशेष बंगाल की खाड़ी में गिरता है।
विज्ञापन
मौसम की दृष्टि से उत्तम है श्रीहरिकोटा
5 of 5
ISRO
- फोटो : ANI
मौसम की दृष्टि से देखा जाए तो दस महीने यहां सूखा ही रहता है। इसके अलावा यह जगह पानी से घिरे होने के कारण काफी सुरक्षित रहता है। हालांकि, श्रीहरिकोटा भारत का पहला लॉन्चिंग स्पेसपोर्ट नहीं है, बल्कि केरल में थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन भी है, जहां से भारत का पहला साउडिंग रॉकेट लॉन्च हुआ था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X