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पांच साल की उम्र में खोए हाथ पैर, इस राजा ने फिर भी जीती दुनिया

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 23 Aug 2016 04:04 PM IST
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success story of raja mahendra pratap singh

आज एक ऐसे शख्स की सफलता के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके दोनों हाथ और दोनों पैर नहीं हैं। फिर भी उन्होंने अपने दृढ़ निश्चय और मेहनत से वो मुकाम हासिल कर लिया जो हाथ-पैर वाले भी नहीं कर पाते। राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने पांच साल की उम्र में अपने हाथ-पैर खो दिए थे। पढ़ें इसके बाद कैसी हो गई थी उनकी जिंदगी।

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राजा महेंद्र प्रताप सिंह जब पांच साल के थे तो उनके दोस्तों ने एक अजीब शर्त लगाई। दोस्तों ने उन्हें खुले बिजली के तार से लोहे की छड पकड़ने को कहा। महेंद्र नासमझ थे उन्होंने उस लोहे की छड को पकड़ लिया जिससे खुले बिजली के तार जुड़े हुए थे। छड़ पकड़ते ही महेंद्र को तेज करंट लगा और वो बेहोश हो गए। इस हादसे के बाद डॉक्टरों को उनके हाथ-पैरों को अलग करना पड़ा। 

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इसके बाद तो महेंद्र का घर से निकलना बंद हो गया। वो 10 साल तक घर से बाहर नहीं निकले। माता पिता भी उनको मेहमानों के सामने लाने में शर्म महसूस करते थे। इससे उनमें और मायूसी छा गई। वो मिडिल क्लास फैमिली से थे। तीन बड़ी बहनें हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं और उनको साहस बंधाया। 

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इन 10 सालों में महेंद्र सिर्फ किताबें पढ़ते थे। हालांकि वो स्कूल नहीं जाते थे लेकिन घर पर ही पढ़ने की कोशिश करते रहे। अब महेंद्र को लगने लगा था कि ऐसे तो जिंदगी नहीं चलेगी। धीरे-धीरे उन्होंने घुटनों के सहारे घिसते हुए चलना शुरू किया। उन्होंने हाथों से चीजें उठाना भी शुरू कर दिया। इन सब में उन्‍हें काफी परेशानी हुई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके मां-बाप को ये सब नामुमकिन लग रहा था लेकिन महेंद्र ने कर दिखाया।

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महेंद्र ने अब कंप्यूटर चलाना सीखा और जबड़े की सहायता से लिखना शुरू किया। महेंद्र ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा बिना स्कूल जाए अच्छे नंबरों से पास कर ली। अब वो दिन आ गया था जब उनको पहली बार घर से बाहर कदम रखना था। उस दिन महेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद तो महेंद्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। विकलांग होने के बावजूद उन्होंने बी.कॉम और उसके बाद ओस्मानिया यूनिवर्सिटी से MBA किया।

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