फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

जरूरत के वक्त इन तरीकों से भी निकाल सकते हैं अपना EPF, पेंशन का भी मिलेगा फायदा

Wed, 18 Jul 2018 11:46 AM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 18 Jul 2018 11:46 AM IST
विज्ञापन
withdrawal your epf after resign from job

अगर आप भी नौकरीपेशा हैं तो ईपीएफ यानी एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड के जरिए भविष्य के लिए रुपये सुरक्षित रख सकते हैं। नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद ही आप 75 फीसदी रुपये निकाल सकते हैं जबकि अगले 2 महीने बाद बचा हुआ 25 फीसदी हिस्सा भी निकाल सकते हैं। आगे की स्लाइड में बताने जा रहे हैं कि आखिर ईपीएफ कितना जरूरी है और आवश्यकता पड़ने पर पैसे निकालने की क्या प्रक्रिया है।

withdrawal your epf after resign from job
क्या है ईपीएफ
कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय में उन सभी कार्यालयों और कंपनियों को रजिस्टर करना आवश्यक है जहां पर 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी में काम करता है तो उसकी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्सा काटा जाता है और इतना ही पैसा कंपनी अपनी तरफ से देती है। व्यक्ति की सैलरी का 12 फीसदी ईपीएफ में जमा होता है जबकि कंपनी के हिस्से का केवल 3.67 फीसदी ही इसमें जमा होता है बाकि 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस में जमा होता है।
withdrawal your epf after resign from job

12 फीसदी से ज्यादा हिस्सा भी दे सकते हैं
कर्मचारी अगर चाहे तो अपनी बेसिक सैलरी से 12 फीसदी से भी ज्यादा रकम कटवा सकते हैं हालांकि कंपनी अपनी ओर से 12 फीसदी ही हिस्सा देगी। इसे वॉलियंटरी प्रॉविडेंट फंड कहते हैं। इस पर भी टैक्स में छूट मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
withdrawal your epf after resign from job

नॉमिनेशन की सुविधा
ईपीएफ के लिए भी आप नॉमिनेशन दे सकते हैं। कर्मचारी की अाकस्मिक मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी को पीएफ का पैसा दे दिया जाएगा। आप चाहें तो अपने ईपीएफ अकाउंट के लिए नॉमिनी चेंज भी कर सकते हैं।

विज्ञापन
withdrawal your epf after resign from job

क्या पेंशन भी मिलती है?
पीएफ में कंपनी का योगदान 12 फीसदी होता है इसमें से 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन स्कीम में चला जाता है। पेंशन 58 साल की उम्र के बाद ही मिलती है। साथ ही नौकरी के 10 साल लगातार पूरा करना अनिवार्य है। न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये है जबकि अधिकतम पेंशन 3250 रुपये हर महीने है। पेंशन ईपीएफ खाताधारक को आजीवन और उसकी मृत्यु पर आश्रित को दी जाती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed