मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर रहे अभिनेता आमिर खान ने कब ही ये सोचा होगा कि ऐसा समय ऐसा भी आएगा जब उनकी बनाई फिल्म के अधिकार बेचने में उनके पसीने छूट जाएंगे। फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तां’ और फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बाद से आमिर खान का सेंसेक्स बहुत नीचे गोता लगा चुका है। उनके बेटे जुनैद की भले फिल्म ‘महाराज’ में खूब तारीफ हुई हो लेकिन हिंदी फिल्म जगत में चर्चाएं इस बात की सबसे ज्यादा है कि आमिर खान प्रोडक्शन्स की नई फिल्मों को बाजार में मनचाही कीमत नहीं मिल रही है।
Aamir Khan: आमिर खान की नई फिल्मों पर साख का संकट, नहीं मिली ‘सितारे जमीं पर’ व ‘लाहौर 1947’ की मनचाही कीमत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमिर खान प्रोडक्शंस की दो फिल्में ‘सितार जमीं पर’ और ‘लाहौर 1947’ रिलीज की कतार में हैं और बताते हैं कि इन दोनों फिल्मों के ओटीटी अधिकारों की खरीद फरोख्त में बहुत समय लग रहा है। आमिर खान की कंपनी की पूर्व सीईओ जननी अब कंपनी का काम छोड़ चुकी हैं और प्राइम वीडियो से छुट्टी होने के बाद से अपर्णा पुरोहित का कंपनी में किरदार अब तक तय नहीं हो पाया है। इस उहापोह के चलते आमिर खान प्रोडक्शंस का काम अब आमिर ने खुद संभाल लिया है।
इन दिनों अपनी कंपनी का सारा काम देख रहे आमिर खान का सबसे ज्यादा फोकस अपनी कंपनी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘सितारे जमीं पर’ है और इसके हीरो आमिर खान खुद हैं। बताते हैं कि इस फिल्म को खरीदने में अभी तक किसी भी बड़े ओटीटी ने वैसी रुचि नहीं दिखाई है, जैसी उम्मीद आमिर खान लगाए बैठे रहे हैं। आमिर खान की फिल्म को कभी ओटीटी चलाने वाले हाथोंहाथ लपक लिया करते थे, लेकिन अब ओटीटी में फिल्मों की खरीदफरोख्त के नियम बदल चुके हैं।
और, बात सिर्फ आमिर खान की फिल्म 'सितारे जमीं पर’ को लेकर ही नहीं अटकी है। बड़े ओटीटी के दिग्गज इन दिनों तमाम दूसरी बड़ी फिल्में भी रिलीज से पहले खरीदना नहीं चाह रहे हैं। इसी के चक्कर में साउथ सिनेमा की तमाम बड़ी फिल्मों की रिलीज डेट आगे पीछे होती रही है। आमिर खान प्रोडक्शंस की एक और फिल्म सनी देओल कर रहे हैं। सनी ने बीते साल ‘गदर 2’ जैसी हिट फिल्म दी है। इसके बाद भी सनी देओल की फिल्म ‘लाहौर 1974’ को वैसी कीमत नहीं मिल रही है, जैसी सोचकर आमिर ने इस फिल्म का निर्माता बनने का फैसला किया था। वहीं सनी देओल इन दिनों दोनों हाथों से फिल्में बटोर रहे हैं। यहां तक कि गणेश चतुर्थी और उसके अगले दिन भी वह नई फिल्मों की कहानियां सुनते देखे गए।
आमिर अपनी दूसरी पारी शुरू कर चुके हैं। इस पारी में अपना वह फोकस बतौर निर्माता आमिर खान प्रोडक्शंस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने पर रखना चाहते हैं। लेकिन, पहले ‘लापता लेडीज’ के सिनेमाघरों में न चलने और अब ‘सितारे जमीं पर’ व ‘लाहौर 1947’ के मनचाहे ओटीटी दाम न मिलने से उनका अपना सितारा संकट में नजर आने लगा है। आमिर के करीबी सूत्र बताते हैं कि इन दोनों फिल्मों के ओटीटी अधिकारों के साथ सैटेलाइट टीवी अधिकारों का सौदा भी अब वह फिल्म की रिलीज के बाद ही करने का विचार बना रहे हैं। और, इसका प्रचार कुछ इस तरह किया जा रहा है कि खुद आमिर अपनी फिल्मों के नॉन थिएट्रिकल राइट्स (गैर सिनेमाई अधिकार) फिल्मों की रिलीज से पहले बेचना नहीं चाहते।