बेफिक्री के चंद बेहतरीन गानों में हिंदी सिनेमा की फिल्म ‘शान’ का गाना ‘आते जाते हुए मैं सबपे नजर रखता हूं, नाम अब्दुल है मेरा... क्या?’ भी शुमार होता है। ये गाना फिल्माया गया था अपने समय के बेहतरीन अभिनेता मजहर खान पर। कमाल अमरोही के बेटे ताजदार रिश्ते में उनके बहनोई और, जीनत अमान उनकी बेगम थीं। 1979 में आई फिल्म 'संपर्क' से करियर की शुरुआत करने वाले मजहर ने 10 साल में 50 से ज्यादा फिल्में कीं। उनकी याद में हम आपको उनसे जुड़ी कुछ अनसुनी कहानियां बताने वाले हैं, लेकिन आगे बढ़ने से पहले देख लेते हैं फिल्म ‘शान’ का ये गाना..
Mazhar Khan: देश की पहली पॉर्न फिल्म बनाने वाले ‘अब्दुल’ की ये हैं 10 अनसुनी कहानियां
'शान' का शानदार किरदार
मजहर ने रमेश सिप्पी की फिल्म 'शान' में गली के भिखारी का किरदार निभाया है। इस फिल्म में उन्हें किरदार मिलने का किस्सा भी बहुत दिलचस्प है। मजहर दिल्ली के एक डिस्को नाइट क्लब में हनी ईरानी और जावेद अख्तर को मिले थे। हनी ने मजहर का परिचय जावेद से कराया। जावेद ने मजहर से कहा कि अगर वह इस फिल्म को करना चाहते हैं तो अपनी कुछ तस्वीरें मुंबई आकर उनके ऑफिस में छोड़ दें। मजहर ने ऐसा ही किया। इसके कुछ महीने बाद दोनों की मुलाकात फिर एक पार्टी में हुई। तब जावेद ने मजहर को बताया कि रमेश सिप्पी ने उनकी तस्वीरें देखी हैं और वह मजहर को फिल्म में लेना चाहते हैं।
मजहर को शाकाल समझ बैठे लोग
सलीम जावेद की लिखी फिल्म 'शान' के दौरान का मजहर से जुड़ा एक और किस्सा मशहूर रहा। रमेश सिप्पी की इस फिल्म में सुनील दत्त, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, राखी गुलजार, परवीन बाबी, बिंदिया गोस्वामी और कुलभूषण खरबंदा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। जिन्होंने यह फिल्म देखी है, वह सब जानते हैं कि फिल्म का मुख्य खलनायक शाकाल था जिसका किरदार कुलभूषण खरबंदा ने निभाया है। लेकिन, जब फिल्म बन रही थी उस समय बहुत से लोगों को यह धोखा हो गया था कि फिल्म में मजहर खान मुख्य खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं। लोगों का मानना था कि रमेश की फिल्म 'शोले' में अमजद खान खलनायक थे इसलिए रमेश इस फिल्म के साथ एक और खान को खलनायक के रूप में लॉन्च करने वाले हैं।
संजीव कुमार को मिला था अब्दुल का रोल
मजहर खान की फिल्मोग्राफी में रमेश सिप्पी की फिल्म 'शान' सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है, इसलिए इस फिल्म से ही उनके कई सारे किस्से भी जुड़े हुए हैं। एक किस्सा यह भी मशहूर रहा कि मजहर खान से पहले उनका किरदार संजीव कुमार को मिल रहा था। अगर शुरुआत से बताएं तो रमेश सिप्पी चाहते थे कि संजीव कुमार फिल्म में वह किरदार निभाए हैं जो सुनील दत्त ने निभाया है। पहले संजीव तैयार भी हुए लेकिन फिर उन्हें लगा कि 'शोले' के बाद उनसे और रमेश से दर्शकों को कुछ ज्यादा ही उम्मीद होगी। इसलिए, यह किरदार ठीक नहीं होगा। तब रमेश ने उन्हें फिल्म में अब्दुल का किरदार ऑफर किया। संजीव को लगा कि ऐसा किरदार फिल्म में करने से क्या फायदा जो इंटरवल से पहले ही खत्म हो जाए।
शोहरत की खातिर हुए बदनाम
वर्ष 1981 में आई फिल्म 'रूही' को मजहर ने अपने एक बयान में अपने करियर की एक बहुत बड़ी गलती बताया था। मजहर और इस फिल्म की अभिनेत्री जरीना वहाब के बीच गहरा रिश्ता पनपने की खबरें भी इसी दौरान खूब फैलीं। बताते हैं कि मजहर और जरीना के बीच रिश्ते की अफवाहें फैलाना तो इस फिल्म को शोहरत दिलाने की एक चाल थी। इसी बहाने इस फिल्म को हिट करने की पब्लिसिटी प्लान की गई थी। इसके चलते दोनों का नाम तो खास न हो सका। हां, दोनों के हिस्से बदनामी जरूर आ गई।
