टीवी और फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी इस समय टीवी के एक धारावाहिक 'मेरे डैड की दुल्हन' में गुनीत सिक्का का किरदार निभा कर सुर्खियां बटोर रही हैं। इस धारावाहिक में उनके साथ अभिनेता वरुण बडोला मुख्य भूमिका में हैं। आज के समय में टीवी के लिए श्वेता तिवारी बहुत बड़ा नाम है लेकिन यहां तक पहुंचने में उन्हें कई चुनौतियां का सामना करना पड़ा है। समय-समय पर उन्होंने टीवी की दुनिया में बड़े किरदारों को निभाकर दर्शकों का दिल जीता। साथ ही 'बिग बॉस' जैसे रियलिटी शो को जीतकर उन्होंने खेल की दुनिया में भी अपना परचम लहराया। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी की कुछ दिलचस्प कहानियां सुनाते हैं।
Shweta Tiwari Birthday: 500 रुपये की नौकरी से एक करोड़ का इनाम जीतने तक की ये है पूरी जन्मकुंडली
12 साल की उम्र में पहली नौकरी
श्वेता तिवारी का जन्म 4 अक्टूबर 1980 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ। श्वेता की पैदाइश सिर्फ प्रतापगढ़ की है, बाकी लगभग सारा बचपन उनका महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ही गुजरा। यहीं से उन्होंने अपनी पढ़ाई लिखाई भी पूरी की। श्वेता का बचपन से ही पढ़ने के अलावा कला क्षेत्र में बहुत रुझान था। वह अपने स्कूल में भी होने वाले नाटकों में अक्सर भाग लिया करती थीं। यही हाल उनका कॉलेज में भी रहा। श्वेता को अपने पैरों पर खड़ा होने की बहुत जल्दी थी। इसलिए, मात्र 12 साल की उम्र में ही उन्होंने एक ट्रैवलिंग एजेंसी में काम करना शुरू कर दिया था। यहां काम करने के श्वेता को 500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे।
एकता कपूर ने दिया पहला ब्रेक
अभिनय के मामले में तो श्वेता बचपन से ही माहिर थीं। वह अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों में भी नाटकों में हिस्सा लेने में सबसे आगे रहती थीं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि श्वेता बचपन में जो अभिनय करती थीं, उसकी लोग खूब तारीफें करते। यही चीजें थीं जिससे अभिनय में श्वेता की रूचि तो रही, साथ ही मनोबल भी मिलता रहा। लगातार नाटकों से जुड़े रहने के बाद अचानक से टीवी की मशहूर निर्माता एकता कपूर की नजर श्वेता पर पड़ी। उस समय एकता अपने एक धारावाहिक 'कलीरें' के लिए एक अभिनेत्री खोज रही थीं। कॉलेज के ही एक नाटक में एकता को श्वेता पसंद आईं और उन्होंने अपने इस धारावाहिक के लिए उन्हें साइन कर लिया।
इस धारावाहिक से बनाई देश के घर घर तक पहुंच
श्वेता ने अपने करियर की शुरुआत एकता कपूर के धारावाहिक 'कलीरें' से की। हालांकि इस शो में श्वेता का कोई बड़ा किरदार नहीं था। यह दूरदर्शन का एक धारावाहिक था जो 1998-99 में प्रसारित हुआ करता था। यहां से श्वेता को अपने करियर स्टार्ट तो मिल गया था लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए एक बड़े मौके की तलाश थी। इस धारावाहिक के साथ वह एकता की नजर में आ ही गई थीं इसलिए एकता ने ही उन्हें अपने एक और धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' में मुख्य भूमिका निभाने का मौका दिया। बस यही वह मौका था जहां से श्वेता की जिंदगी ही बदल गई। इस धारावाहिक में प्रेरणा शर्मा बसु का किरदार निभा कर वह है भारत के घर-घर में पहुंच गईं।
19 साल की उम्र में ही कर ली शादी
वह समय श्वेता तिवारी के करियर का शुरुआती दौर था। उसी समय वह एक तरफ अपने अभिनय पर भी ध्यान दे रही थीं और दूसरी तरफ उनका ध्यान भोजपुरी फिल्मों के निर्माता और अभिनेता राजा चौधरी की तरफ भी भटक गया। श्वेता और राजा दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे और अक्सर उन्हें साथ देखा जाता था। जब कुछ दिन इनकी दोस्ती को हुए हो गए तो दोनों ने शादी करने का फैसला किया और वर्ष 1999 में ही यव दोनों सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंध गए। उस समय श्वेता मात्र 19 साल की थीं। श्वेता के माता पिता इस शादी से खुश नहीं थे लेकिन श्वेता तो राजा के प्रेम में पागल थीं। अगले ही साल यानी वर्ष 2000 में उनके घर एक बेटी ने जन्म लिया जिसका नाम उन्होंने रखा पलक।
