अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने इंडस्ट्री को एक से बढ़ कर एक बेहतरीन फिल्में दी हैं। 1976 में बनी 'कभी कभी' भी उन्हीं फिल्मों में से एक थी। यह मल्टी स्टारर फिल्म थी जिसमें अमिताभ के साथ राखी, शशि कपूर, नीतू सिंह, ऋषि कपूर नजर आए थे। आज इस फिल्म को रिलीज हुए 44 साल हो गए हैं। इस फिल्म से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जिससे आप जरूर रूबरू होंगे लेकिन कई किस्से ऐसे भी हैं जिनकी जानकारी शायद आपको न हो। आइए जानते हैं...
27 जनवरी 1976 में रिलीज हुई फिल्म कभी-कभी में अमिताभ बच्चन के माता-पिता हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन भी नजर आए। फिल्म में शादी के एक सीन में इन दोनों को देखा जा सकता है। फिल्म में ये दोनों राखी (पूजा) के माता-पिता के रोल में थे। फिल्म के निर्माता गुलशन राय को यकीन था कि यह फिल्म नहीं चलेगी, क्योंकि इसमें अमिताभ बच्चन थे जो उस समय एक्शन फिल्में कर रहे थे। इस फिल्म में उनका रोल रोमांटिक था लेकिन इसने बॉक्स-ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
यश चोपड़ा को इस फिल्म का कॉन्सेट अपने दोस्त और गीतकार साहिर लुधियानवी की कविता कभी-कभी पढ़कर आया था। यश चोपड़ा इस फिल्म के गाने मशहूर संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से कंपोज कराना चाहते थे लेकिन साहिर लुधियानवी को लगता था कि लक्ष्मीकांत प्यारेलाल उनके गीतों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे। आखिरकार ख्ययाम ने फिल्म के लिए खूबसूरत संगीत दिया। फिल्म में अमिताभ की किताब जो कभी-कभी के नाम से पब्लिश होती है दरअसल वो साहिर लुधियानवी की कविता है।
यश चोपड़ा ने इस फिल्म की शूटिंग कश्मीर में की थी। फिल्म के स्टारकास्ट का पूरा परिवार इस दौरान कश्मीर में रहा था। ये फिल्म यश चोपड़ा के बेहतरीन अनुभव वाली फिल्म थी। इस फिल्म से पहले अमिताभ की इमेज एंग्री यंग मैन वाली थी लेकिन इस फिल्म की सक्सेस के बाद उन्हें रोमांटिक हीरो के लिए भी कास्ट किया जाने लगा। फिल्म की कहानी में राखी और अमिताभ प्यार करते हुए भी एक दूसरे से शादी नहीं कर पाए थे दोनों की शादी (राखी की शशि कपूर और अमिताभ की वहीदा रहमान) से हो गई थी।
यश चोपड़ा फिल्म में ऋषि कपूर के अपोजिट पहले परवीन बाबी को लेना चाहते थे, लेकिन बाद में ये रोल नीतू सिंह को मिला। इसी फिल्म के दौरान ऋषि कपूर और नीतू सिंह का अफेयर शुरू हुआ। इतना ही नहीं कई सालों बाद राजेश खन्ना ने दावा किया था कि इस फिल्म में लीड रोल यानी अमिताभ की जगह वो पहली पसंद थे।