फिल्म के लिए जरूरी नहीं कि लीड एक्ट्रेस और एक्टर ही काफी हो, इनके अलावा फिल्म में एक विलेन और एक कॉमेडियन के साथ-साथ कई सपोर्टिंग किरदार भी उतने ही अहम होते हैं जितने की फिल्म के लीड स्टार्स। बॉलीवुड की फिल्मों में हमेशा से ही साइड रोल का चलन रहा है। कई एक्टर्स तो साइड रोल कर के भी इतने फेमस हुए हैं और हो रहे हैं कि हर फिल्म में उन्हें कास्ट किया जाने लगा है। आज बात करते हैं ऐसे ही साइड रोल करने वाले एक्टर्स की।
साइड रोल कर फेमस हुए ये 5 सितारे, महमूद की डिमांड तो हीरो से भी ज्यादा हुआ करती थी
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महमूद
साल 1943 में बॉम्बे टॉकीज की फिल्म 'किस्मत' से करियर का आगाज करने वाले महमूह ने अपने अभिनय के दम पर करोड़ों लोगों को अपना दीवाना बनाया। घर की आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए महमूद ने अंडे बेचने और टैक्सी चलाने जैसे काम भी किए लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब शूट खत्म होता तो महमूद के लिए जमकर तालियां बजाईं जाती थीं। महमूद अकेले ऐसे कॉमेडियन और साइड हीरो हुआ करते थे, जिनकी तस्वीर फिल्म के पोस्टर में हीरो के साथ होती थी।
महेश आनंद की बात करें तो 80 के दशक और 90 में भी हर दूसरी फिल्म में महेश बतौर विलेन या विलेन के 'राइट हैंड मैन' के तौर पर होते थे।अभी कुछ दिन पहले खबर आई कि हिंदी फिल्मों में साइड रोल करने वाले 57 साल के महेश आनंद की लाश उनके घर से मिली।
अंजना मुमताज ने 'त्रिदेव' (1989), 'धड़कन' (2000) और 'कोई मिल गया' (2003) में सपोर्टिंग रोल करते देखा जा चुका है। अंजना को ज्यादातर मां के रोल में देखा गया।
पंकज त्रिपाठी
कभी छोटे मोटे रोल करने वाले पंकज त्रिपाठी आज बॉलीवुड में बड़ा नाम हैं। पंकज त्रिपाठी ने बेशक सालों तक स्ट्रगल किया लेकिन आज पंकज जिस फिल्म में सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर नजर आते हैं,उस फिल्म का हिट होना लगभग तय माना जाता है। पंकज त्रिपाठी ने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' 'फुकरे', 'मसान', 'गुंडे', 'निल बटे सन्नाटा', 'बरेली की बर्फी', 'न्यूटन', 'अनारकली ऑफ आरा', 'फुकरे रिटर्न्स' और 'स्त्री' जैसी कई फिल्मों के लिए उन्होंने खूब तारीफें बटोरी हैं।