मुख्य तौर पर किसी अच्छी फिल्म के लिए लीड एक्टर या एक्ट्रेस को श्रेय दिया जाता है लेकिन अच्छी फिल्म वही होती है, जिसमें हर कलाकार ने अपनी जान फूंकी हो, चाहे उसे कितना छोटा रोल ही क्यों ना मिला हो। एक अच्छे कलाकार को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वो रोल कितना बड़ा या छोटा है।
अपने दौर की लगभग हर फिल्म में देखे गए ये सितारे, साउथ के इस कॉमेडियन की फीस तो आपको हैरान कर देगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रह्मानंदम
ऐसा कहें तो गलत नहीं होगा कि एक समय में साउथ की अधिकतर फिल्में ब्रह्मानंदम के बिना नहीं बनती थीं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में ब्रह्मानंदम ने इतनी ज्यादा हिट कॉमेडी फिल्में दी हैं कि उन्हें वहां का कॉमेडी किंग कहा जाता है। ब्रह्मानंदम ने अपने दो दशकों से भी ज्यादा लंबे कॅरियर में 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।
आपको जानकर हैरानी होगी की ब्रह्मानंदम एक फिल्म के एक करोड़ रुपये चार्ज करते हैं। अब साउथ सिनेमा के कॉमेडियन को इतनी ज्यादा फीस मिलना कोई आम बात तो है नहीं। ब्रह्मानंदम 24 घंटे में करीब पांच लाख रुपये कमाते हैं।
आंध्र प्रदेश के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले जॉनी लीवर को आज हर कोई जानता है। अपने परिवार का पेट भरने के लिए वो काम की तलाश में मुंबई आए थे। शुरुआती दौर में उन्होंने फिल्मी अभिनेताओं की नकल करते हुए सड़क पर पेन बेचे, हिंदुस्तान लीवर कंपनी में अपने पिता के साथ मजदूरी की।
सुनील दत्त ने जॉनी लीवर की प्रतिभा को पहचाना था और दर्द का रिश्ता फिल्म में उन्हें ब्रेक दिया गया था। 350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके जॉनी लीवर को उनके अभिनय के लिए 13 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड मिल चुका है।
बॉलीवुड में एक दौर ऐसा भी आया जब विलेन की छवि के तौर पर अमरीश पुरी को ही चुना जाता था। अमरीश पुरी ने अपनी अद्भुत एक्टिंग के जरिए लोगों के दिलों पर कई सालों तक राज किया। वह अपने बड़े भाई मदन पुरी की तरह ही एक सफल अभिनेता बनना चाहते थे और उनकी यही चाहत उन्हें मुंबई ले आई।
अमरीश पुरी अपने पहले स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पृथ्वी थिएटर में नाटकों में काम करके अपने अभिनय को निखारा और उन्हें विज्ञापन में काम मिलने लगा। अमरीश ने अपने फिल्मी करियर में 400 से ज्यादा फिल्में कीं। 80 के दशक में बनने वाली हर फिल्म में अमरीश पुरी को रोल दिया जाता था। साल 2005 में अमरीश पुरी इस दुनिया और फिल्म जगत को अलविदा कह गए।
मेहर मित्तल भले ही हिंदी सिनेमा से जुड़े हुए नहीं थे लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपनी छाप कई लोगों पर छोड़ी थी। पंजाबी सिनेमा के कॉमेडी किंग कहे जाने वाले मित्तल साहब ने करीब 300 फिल्मों और नाटकों में अभिनय किया है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1974 में सच्चा मेरा रूप नामक पंजाबी फिल्म से की थी।
मेहर मित्तल को उनके अभिनय के लिए दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और पंजाब स्टेट अवॉर्ड जैसे कई पुरस्कार मिले हैं। 22 अक्तूबर 2016 को मेहर मित्तल का निधन हो गया और कॉमेडी का ये बादशाह दुनिया को अलविदा कह गया।