अभिषेक बच्चन ने 18 साल पहले फिल्म 'रेफ्यूजी' से बॉलीवुड में कदम रखा था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी लेकिन क्रिटिक्स ने अभिषेक की अदाकारी को सराहा था। एक स्टार किड होने के नाते अभिषेक पर काम करते रहने का प्रेशर था। उस समय अभिषेक को जो प्रोजेक्ट ऑफर हुआ उन्होंने वो फिल्म कर ली। स्क्रिप्ट पर ध्यान ना देना अभिषेक को महंगा पड़ गया।
4 साल में 17 फ्लॉप और LIC एजेंट का काम, इन सबके बावजूद पिता-पत्नी से 10 कदम आगे हैं अभिषेक बच्चन
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इसके चलते अभिषेक बच्चन ने 4 साल में लगातार 17 फ्लॉप फिल्में दे दी। साल 2004 में अभिषेक बच्चन ने फिल्म 'धूम' में काम किया और यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म के बाद उन्होंने 'बंटी और बबली', 'युवा', 'ब्लफमास्टर', 'गुरु' और 'दोस्ताना' जैसी सुपरहिट फिल्में देकर ये साबित कर दिया कि वो बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के बेटे हैं।
आज अभिषेक बच्चन अपना 42वां बर्थडे सेलीब्रेट कर रहे हैं। इस मौके पर अभिषेक से जुड़ी कुछ ऐसी बातों से आपको रूबरू करवाते हैं जो शायद अभी तक आपने सुनी होंगी। अभिषेक के 18 साल के करियर में बहुत से उतार-चढ़ाव आए। उनकी ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रहीं। एक इंटरव्यू के दौरान अभिषेक ने अपनी फ्लॉप फिल्मों को लेकर बड़ा बयान दिया था।
T 2604 - #HBDAbhishekBachchan .. who is in a time zone out of the country .. !!
एक समय था पिता पुत्र का हाथ थाम के चलता था ; अब पुत्र हाथ थाम के चलाता है पिता को ! pic.twitter.com/JJKQjS02X7
अभिषेक ने कहा था, 'जब कोई एक्टर फ्लॉप फिल्में देता है तो लोग उसका फोन उठाना बंद कर देते हैं। फिर वो यह नहीं सोचते कि आप किसके बेटे या बेटी हो। फ्लॉप होना दुनिया की सबसे खराब फीलिंग होती है जो आपको एक इंसान के तौर पर खत्म सा कर देती है।' इससे पता चलता है कि अभिषेक इस तरह की फीलिंग से कई बार गुजर चुके हैं।
अभिषेक बचपन में डाइलेक्सिया बीमारी के शिकार थे। इस बात का खुलासा तब हुआ था जब 2007 में आमिर खान ने इसी बीमारी पर एक फिल्म 'तारे जमीं पर' बनाई थी। अभिषेक ने अपनी पढ़ाई जमनाबाई नर्सी स्कूल से की थी। इसके बाद वो बिजनेस कोर्स के लिए यूएसए की बॉस्टन यूनिवर्सिटी चले गए। लेकिन हिंदी फिल्मों में काम करने के चलते वो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर आ गए थे।