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सुसाइड करने के तरीकों पर अबरार अल्वी से बात करते थे गुरु दत्त, आखिरी रात जमकर पी शराब और फिर...
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Mon, 18 Nov 2019 10:45 AM IST
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गुरु दत्त और अबरार अल्वी
- फोटो : Twitter
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‘साहब बीवी और गुलाम’ के डायरेक्टर अबरार अल्वी की 18 नवंबर को पुण्यतिथि है। जब भी गुरु दत्त का नाम लिया जाएगा अबरार का नाम भी लेना जरुरी हो जाएगा। क्योंकि दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे थे। वो इसलिए क्योंकि अबरार न सिर्फ वो शख्स से जिनसे गुरु दत्त की खास दोस्ती थी बल्कि जिस रात गुरु दत्त ने सुसाइड किया उस रात वह अबरार से मिले भी थे।
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abrar, guru dutt
- फोटो : social media
पहले जान लेते हैं अबरार अल्वी के बारे में। अबरार अल्वी गुरु दत्त के लिए फिल्में लिखते थे। उन्होंने फिल्में भी डायरेक्ट कीं। 'साहब बीवी और गुलाम' पहली फिल्म थी जो उन्होंने डायरेक्ट की। फिल्म के लेकिन फिल्म के साथ एक नया विवाद भी छिड़ गया। लोगों को लगा कि गुरु दत्त ने बिना अपना नाम बताये ये फिल्म डायरेक्ट की है।
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abrar, guru dutt
- फोटो : social media
अब भला सोचिए अबरार की पहली फिल्म का क्रेडिट अगर गुरु दत्त को मिल रहा हो तो उन्हें कैसा महसूस हो रहा होगा। खैर ऐसी बातें क्यों की गई ये भी आपको बता देते हैं। ये फिल्म गुरु दत्त के मिजाज की थी। इसलिए लोगों को लगा कि इसे गुरु दत्त ने छुप-छुपा के बिना अपना नाम बताए डायरेक्ट किया है। दूसरी वजह थी कि फिल्म के कुछ हिस्सों और गानों को गुरु दत्त ने सचमुच डायरेक्ट किया था।
अबरार इस बात से दुखी रहते थे। अब आते हैं गुरु दत्त और अबरार की दोस्ती पर। दोनों अच्छे दोस्त थे। इतने गहरे कि जब गीता दत्त से गुरु दत्त की लड़ाई चल रही थी ये बात भी अबरार को मालूम थी और उन्होंने दोनों की सुलह कराने की खूब कोशिश की थी। उस समय गुरु दत्त अपनी फिल्म 'बहारें फिर भी आएंगी' को अंतिम रूप दे रहे थे।
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Guru Dutt
इस दौरान अबरार गुरु दत्त के घर पर ही फिल्म पर चर्चा करने के लिए आते थे। 9 अक्टूबर को जब अबरार अल्वी उनसे मिलने गए तो गुरु दत्त शराब पी रहे थे। इस बीच उनकी गीता दत्त से फ़ोन पर लड़ाई हो चुकी थी। वो अपनी बेटी से मिलना चाह रहे थे और गीता उसे उनके पास भेजने के लिए तैयार नहीं थीं। गुरु दत्त ने नशे की हालत में ही उन्हें अल्टीमेटम दिया था कि अगर बेटी को नहीं भेजा तो मेरा मरा हुआ शरीर देखोगी।
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