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Interview: थप्पड़ में तापसी के पति बने गुलाटी ने खोला राज, इसलिए माता पिता ने रखा रशियन नाम पावेल

Thu, 05 Mar 2020 10:09 AM IST
शिप्रा सक्सेना पंकज शुक्ल
पंकज शुक्ल Published by: शिप्रा सक्सेना Updated Thu, 05 Mar 2020 10:09 AM IST
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Actor  pavail gulati speaks to Pankaj Shukla opens about struggle of 14 years in hindi cinema
pavel Gulati - फोटो : Mumbai, Amar Ujala

पिता बैंक से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वृत्त चित्र (डॉक्यूमेंट्री) बना रहे हों। मां का अपना साउंड स्टूडियो हो तो बेटे का मनोरंजन की दुनिया में आना तो बनता है। लेकिन, बड़े पर्दे पर बेटे को देख तालियां बजाने का फिल्म थप्पड़ के हीरो पावेल गुलाटी के माता पिता का सपना पूरा होने में 14 साल लगे हैं।


 

Actor  pavail gulati speaks to Pankaj Shukla opens about struggle of 14 years in hindi cinema
pavel Gulati - फोटो : Mumbai, Amar Ujala

उपनाम गुलाटी हो तो पहला नाम पावेल क्यूं है? सुभाष घई के फिल्म संस्थान से निकले पावेल गुलाटी से बातचीत में पहला सवाल जेहन में यही उठता है।
पावेल बताते हैं, “मेरा जन्म जब हुआ तो मेरे पिता कंवर दीपक गुलाटी उन दिनों मैक्सिम गोर्की का उपन्यास मदर पढ़ रहे थे। उसी के किरदार पावेल पर मेरा नाम पड़ा। मेरे माता पिता ने मेरे अभिनय सफर में बहुत साथ दिया है। हर माता पिता को अपने बच्चों के सपने पहचानने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए बच्चों को खुला आसमान भी देना चाहिए, जैसा मेरे माता पिता ने दिया।”

Actor  pavail gulati speaks to Pankaj Shukla opens about struggle of 14 years in hindi cinema
pavel Gulati - फोटो : Mumbai, Amar Ujala

पावेल को फिल्म थप्पड़ से शोहरत मिली है। लेकिन, यहां तक आने में उन्हें 14 साल लगे हैं तो क्या समझा जाए कि वनवास पूरा हुआ और अब राज तिलक का समय है?
पावेल ठट्ठा मारकर पहले तो हंसते हैं फिर कहते हैं, “हां, कह सकते हैं कि अब राजतिलक की बारी है। मैं 2006 में मुंबई आया था। व्हिसलिंग वूड्स में ही पढ़ाई के दौरान नसीरुद्दीन शाह से मिलना हुआ फिर कॉलेज के बाद उन्हीं के साथ हो लिया। नसीर साहब की बदौलत ही मैं जो कुछ हूं वह बन पाया हूं।”
 

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Actor  pavail gulati speaks to Pankaj Shukla opens about struggle of 14 years in hindi cinema
Thappad - फोटो : twitter

नेटफ्लिक्स की घोस्ट स्टोरीज की अनुराग कश्यप वाली कहानी की शूटिंग के दौरान ही पावेल को फिल्म थप्पड़ मिली। और, इस दौरान उन्होंने बाकी सब किनारे छोड़ दिया। पूरी तरह मन लगाकर इस फिल्म की शूटिंग की और नतीजा सबके सामने है। “फिल्म के प्रीमियर पर मम्मी पापा आए थे। फिल्म देखने के बाद मम्मी एक घंटे तक रोती रहीं। और, पापा डेढ़ घंटे तक। ये खुशी के आंसू थे और दोनों देर तक तालियां भी बजाते रहे। इस लम्हे का इंतजार मैंने 14 साल किया है।” पावेल अपने एहसास अमर उजाला के साथ इस एक्सक्लूसिव बातचीत में साझा करते हैं।


 
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Actor  pavail gulati speaks to Pankaj Shukla opens about struggle of 14 years in hindi cinema
pavel Gulati - फोटो : Mumbai, Amar Ujala

वह कहते हैं, “मैंने पिछले 14 साल में बहुत कुछ किया। शशांक खेतान की पहली फिल्म ‘शेरवानी कहां है’ का हीरो था पर फिल्म रिलीज नहीं हो पाई। धारावाहिक युद्ध में अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। तमाम दूसरी फिल्मों में छोटे मोटे रोल किए। फिर पिछले साल मेड इन हेवन में लोगों ने मेरे काम पर कायदे से गौर किया। अब जाकर थप्पड़ की खुशी महसूसने का मौका आया है।”

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