घोस्ट स्टोरीज की हीरोइन बोलीं, 'किसी के साथ बुरा करने वाले का ये होता है अंजाम'
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भूत-प्रेत में तो नहीं लेकिन सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा में विश्वास है। मुझे लगता है कि घर से लेकर प्रत्येक जगह एक ऊर्जा होती है जिससे आपको अच्छा या बुरा महसूस होता है। बचपन में मैं दूरदर्शन पर 'आपबीती' सीरियल देखा करती थी। उन कहानियों के अंत में यही संदेश दिया जाता था कि अगर आप किसी के साथ अच्छा करते हैं तो आपके साथ भी अच्छा ही होगा और अगर आप किसी के साथ बुरा करते हैं तो आपके साथ भी वैसा ही होता है।
टीवी से लेकर सिल्वर स्क्रीन और अब ओटीटी प्लेटफॉर्म तक का सफर कैसा रहा।
टीवी से लेकर अब तक का सफर मेरा बहुत ही मुश्किलों भरा रहा। इस दौरान मुझे उन लोगों की भी मानसिकता बदलनी पड़ी। इस इंडस्ट्री में मेरा करीब सात से आठ साल का संघर्ष है। वैसे तो जिस दिन मैं पहली बार कैमरे के सामने पहुंची, मैं उसी दिन सफल हो गई क्योंकि इंडस्ट्री में बहुत लोग इस मौके को पाने के लिए भी तरसते हैं।
मेरा मकसद हर एक काम को अनुभव करना होता है। मैं चाहे टीवी पर काम करूं, सिल्वर स्क्रीन पर काम करूं या फिर किसी भी प्रोजेक्ट में किसी भी ब्रांड का हिस्सा बनूं । मेरी कोशिश होती है कि मैं उनसे असल में जुड़ पाऊं। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं दर्शकों को जोड़ नहीं पाऊंगी। मेरी कोशिश रहती है कि अगर किसी काम को वक्त दे रही हूं तो मैं उसे दिल से करूं और यही मेरी खूबी है। या तो मैं काम करती नहीं, करती हूं फिर जी जान से करती हूं।
'घोस्ट स्टोरीज' की शूटिंग के दौरान हम लोगों ने पुरानी फिल्मों के बारे में खूब बातें की। खास तौर पर 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के बारे में। मैं शाहरुख खान और काजोल की फैन हूं। मुझे करण से पता चला कि एक अच्छी फिल्म बनाने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है।