एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर साल 2022 में रिलीज हुई थी। इस शानदार फिल्म का जलवा अब तक लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है। यह पिछले साल की धमाकेदार मूवी रही। आरआरआर ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। फिल्म में साउथ के सुपरस्टार राम चरण और जूनियर एनटीआर नजर आए। दोनों की जोड़ी को दर्शकों से खूब प्यार मिला। इनके अलावा फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन और आलिया भट्ट को भी देखा गया था।
RRR: ऑस्कर से पहले राजामौली की 'आरआरआर' को करना पड़ा कई मुश्किलों का सामना, जानिए फिल्म से जुड़े विवाद
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यह फिल्म कई अवॉर्ड्स अपने नाम कर चुकी है। फिल्म के गाने नाटू नाटू को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए गोल्डन ग्लोब का खिताब मिला है। इसके अलावा फिल्म को क्रिटिक्स च्वाइस ऑफ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। वहीं, माना जा रहा है कि ऑस्कर 2023 में भी इस फिल्म का जलवा देखने को मिलेगा। बता दें कि इस बार ऑस्कर 12 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित किया जाएगा। भारत में कार्यक्रम का प्रसारण 13 मार्च की सुबह किया जाएगा। लेकिन चलिए इससे पहले आइए एक नजर डालते हैं कि आरआरआर कब-कब मुसीबत में पड़ी।
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इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की
आरआरआर के खिलाफ जनहित याचिका जनवरी 2022 में तेलंगाना में रहने वाले एक छात्र अल्लूरी सौम्या द्वारा एक जनहित याचिका दायर की गई थी। उसने आरआरआर लेखक और निर्माताओं के खिलाफ अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम के तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश करने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की। उन्होंने आरआरआर को सेंसर सर्टिफिकेट जारी नहीं करने और निर्माता को फिल्म रिलीज करने से रोकने की मांग की थी। शिकायत कर्ता का दावा था कि निर्माताओं ने महान स्वतंत्रता सेनानियों अल्लूरी सीता रामाराजू और कोमाराम भीम के इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था। उसने इस पर आपत्ति जताई थी। छात्र का कहना था कि फिल्म दो स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को नष्ट कर रही है।
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जूनियर एनटीआर को मुस्लिम टोपी और सूरमा लगाने पर उठा विवाद
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले आदिवासी नेता कोमाराम भीम का किरदार निभा रहे जूनियर एनटीआर के टोपी पहनने और सूरमा लगाने पर भी विवाद खड़ा हो गया था। तब कहा गया था कि अगर इस तरह के सीन मूवी से नहीं हटाए जाते तो फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।
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जब ट्विटर पर 'बॉयकॉट आरआरआर इन कर्नाटक' ट्रेंड करने लगा
पूरे कर्नाटक में आरआरआर के कन्नड़ संस्करण को कम संख्या में शो मिले थे। वहीं फिल्म के तमिल, तेलुगु और हिंदी संस्करणों को तुलनात्मक रूप से अधिक स्क्रीन मिल गईं। कुछ प्रशंसकों ने टीम से आरआरआर के कन्नड़ संस्करण के लिए अधिक स्क्रीन आवंटित करने की मांग की, उनका मानना था कि इससे ये फिल्म ग्रामीण कर्नाटक तक पहुंचेगी। कन्नड़ संस्करण के लिए कई शो आवंटित नहीं करने के लिए आरआरआर के निर्माताओं को दोषी ठहराया गया। जिसके बाद कुछ लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए ट्विटर पर फिल्म का बॉयकॉट किया।
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