हिंदी सिनेमा का इतिहास इन दिनों कोरोना संक्रमण काल के पहले और कोरोना संक्रमण काल की कामयाबियों पर लिखा जा रहा है। जनवरी 2020 में रिलीज हुई अजय देवगन की ओम राउत निर्देशित फिल्म ‘तानाजी द अनसंग वॉरियर’ की शानदार कामयाबी के बाद अब जाकर हिंदी सिनेमा या कहें हिंदी में डब सिनेमा ने कामयाबी की रफ्तार पकड़ी है। अजय ने कोरोना महामारी के पहले आखिरी हिंदी हिट फिल्म दी और कोरोना महामारी के बाद की लगातार तीन कामयाब फिल्मों ‘सूर्यवंशी’, ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और ‘आरआरआर’ में भी अजय देवगन ने शानदार पारी खेली। अब बारी ‘रनवे 34’ की है। लगातार चार फिल्मों की कामयाबी के बाद अजय देवगन अब कामयाबी का पंच महायज्ञ करने उतर रहे हैं। ये फिल्म 29 अप्रैल को रिलीज होगी। आइए जानते हैं अजय देवगन अपने इस सफल सफर के बारे में क्या कहते हैं...
Ajay Devgn: हैट्रिक से आगे निकल चुके अजय देवगन की नई उड़ान, बोले, ‘मैं मैथड एक्टिंग में विश्वास नहीं करता’
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अपनी लगातार हिट फिल्मों की चर्चा चलने पर अजय देवगन कहते हैं, "ईमानदारी की बात तो यह है कि खड़े हो कर घूरते रहने का समय ही नहीं है। चाहे वह ‘सिंघम’ हो, ‘रहीम लाला’, ‘वेंकट राम राजू’ हो या कैप्टन विक्रांत खन्ना हो, इनमें से हर रोल चुनौतीपूर्ण है। मैं पीछे मुड़कर देखने और जायजा लेने के लिए कभी रुका ही नहीं। इसके बजाय मैं बड़ी ईमानदारी के साथ एक के बाद दूसरी फिल्म करता चला गया। यहां मौजूद मेरे ज्यादातर साथी उतने ही जोशीले और मेहनती हैं। मुझे पता है कि अगर मैं आगे नहीं बढ़ूंगा, तो कुछ खास हासिल नहीं कर पाऊंगा। मैं वैसा ही हूं, जैसी फिल्में बनाता हूं।'
अजय देवगन को कभी कामयाबी पर इतराते नहीं देखा गया। फिल्म दर फिल्म वह हिंदी सिनेमा से मिले उपनाम ‘मिस्टर भरोसेमंद’ को और चमकाते जा रहे हैं। पिछले साल नवंबर में अक्षय कुमार और रणवीर सिंह के साथ रोहित शेट्टी के पुलिस यूनीवर्स वाली फिल्म ‘सूर्यवंशी’ में अपनी सीटीमार एंट्री के दम पर अजय ने जोरदार तालियां बजवाईं। फिर इसी साल फरवरी में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में डॉन रहीम लाला के किरदार में रोमांचक एंट्री मारी। और एस एस राजामौली की फिल्म ‘आरआरआर’ में उनका किरदार कहानी के उत्प्रेरक (कैटलिस्ट) के रूप में नजर आ रहा है।
फिल्म जगत में तीन दशक गुजारने के बाद भी अजय अपनी रफ्तार धीमी करने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। 29 अप्रैल को रिलीज होने जा रही एविएशन थ्रिलर ‘रनवे 34’ उनकी अदाकारी के साथ साथ निर्देशन का भी एक और टेस्ट है। इस फिल्म में वह फ्लाइट कमांडर कैप्टन विक्रांत खन्ना की भूमिका निभा रहे हैं। ‘अमर उजाला’ से एक मुलाकात में अजय कहते हैं, ‘मैं किसी किरदार को किसी फॉर्मूले के हिसाब से नहीं करता। मैंने तो कभी सोचा ही नहीं कि किसी किरदार को कैसे करूंगा। मैं बहुत ज्यादा मेथड एक्टिंग में मैं विश्वास नहीं रखता और न हीं मैं ऐसा कर सकता हूं। ऐसा नहीं कि मैं उस तरीके को गलत कह रहा हूं, लेकिन सबका अपना अलग तरीका होता है। मुझे लगता है जब मैं मेथड एक्टिंग करता हूं, तो बहुत ही ज्यादा मैकेनिकल हो जाता हूं।’
तो क्या कभी ऐसा भी लगा कि ये किरदार बिल्कुल वैसा है, जैसा मैं चाहता हूं? इस सवाल पर अजय देवगन कहते हैं, ‘किसी कलाकार के लिए ऐसा कुछ नहीं होता। कोई रोल आसान या कोई मुश्किल हो ऐसा भी नहीं है। अगर कोई ऐसा कहता है तो फिर वह कलाकार ही नहीं है। जब आप किरदार के बारे में इस तरह सोचने लगते हैं तो फिर आप कलाकार नहीं रह जाते। ऐसा कोई भी किरदार नहीं है जो एक अच्छा कलाकार न कर पाए।’