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Ajay Devgn: एक्टर नहीं बनना चाहते थे तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके अजय देवगन, अब यूं कर रहे अपना सपना पूरा

Fri, 22 Jul 2022 07:08 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा चौधरी Updated Fri, 22 Jul 2022 07:08 PM IST
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Ajay Devgn won National Award for best actor three times but he never wanted to become an actor
अजय देवगन - फोटो : सोशल मीडिया

आज 68 वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में सिनेमाजगत से जुड़े सितारों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से साउथ अभिनेता सूर्या और बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन को नवाजा गया है। एक्शन हीरो के तौर पर पहचाने जाने वाले अभिनेता को फिल्म 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर' के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। अपने अब तक के करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता का यह तीसरा नेशनल बेस्ट एक्टर अवॉर्ड हैं। तो चलिए इस खास मौके पर बताते हैं आपको अभिनेता का अब तक का सफर...

Ajay Devgn won National Award for best actor three times but he never wanted to become an actor
अजय देवगन - फोटो : सोशल मीडिया

पहली ही फिल्म ने दिलाई सफलता
हिंदी फिल्मों की जाने माने स्टंट मैन वीरू देवगन के घर 2 अप्रैल 1969 को जन्मे अजय देवगन का असली नाम विशाल देवगन है। उनकी मां वीणा देवगन भी फिल्म निर्माता थीं। ऐसे में बचपन से ही फिल्मी माहौल में पले-बढ़े अजय की भी रुचि फिल्मों में होने लगी और वह निर्देशक बनने का सपना देखने लगे। उन्होंने शेखर कपूर के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम भी किया था, लेकिन किस्मत को उनके लिए कुछ और ही मंजूर था। अजय की मुलाकात कुकू कोहली से हुई और वह उनके द्वारा निर्देशित फिल्म 'फूल और कांटे' के मेन लीड बन गए। इस फिल्म में दो बाइकों पर एंट्री लेने के बाद से वह एक्शन हीरो के रूप में पहचाने जाने लगे। लेकिन उनके दिल में निर्देशक बनने की कसक थी, जिसे वह शिवाय, रनवे 34 जैसी फिल्मों से पूरी कर रहे हैं।

Ajay Devgn won National Award for best actor three times but he never wanted to become an actor
अजय देवगन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

2004 नहीं रहा बढ़िया
'फूल और कांटे' से डेब्यू करने के बाद अजय देवगन रातोंरात स्टार बन गए और उन्हें कई बेहतरीन फिल्मों में करने को मिला। वह 'हम दिल दे चुके सनम', 'दिलवाले', 'जिगर', 'इश्क', 'राजू चाचा' जैसी कई हिट फिल्मों में नजर आए। हालांकि बीच में एक ऐसा दौर भी आया जब उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगी। रिपोर्ट्स की मानें तो 2004 उनके लिए अच्छा साल साबित नहीं हुआ। 2004 में आई उनकी फिल्म 'युवा' कुछ खास कमाल नहीं कर पाई और 'रेनकोट' भी बुरी तरह फ्लॉप रही। 2005 में आई 'ब्लैकमेल' और 'इंसान' भी असफल रही। लेकिन इसके बाद आई 'गोलमाल', 'गोलमाल रिटर्न्स',  'अतिथि तुम कब जाओगे' जैसी शानदार फिल्मों ने कमाल कर दिया।

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Ajay Devgn won National Award for best actor three times but he never wanted to become an actor
अजय देवगन - फोटो : सोशल मीडिया

इन अवॉर्ड्स से हुए सम्मानित
अजय देवगन कई बार अवॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें महेश भट्ट की 1998 में आई फिल्म 'जख्म' और 2002 में आई 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' के लिए दो बार बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वहीं, अब उन्हें 'तानाजी' के लिए तीसरा बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा फिल्मों में अपने योगदान के लिए अजय देवगन को पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। बता दें कि अजय देवगन ने बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल से शादी की है और दोनों के दो बच्चे हैं।

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