अक्षय कुमार और अमिताभ बच्चन ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया। इन दोनों की जोड़ी को पर्दे पर प्रशंसकों ने खूब पसंद किया। अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार ने साथ में आंखे, वक्त, खाकी, एक रिश्ता सहित कई फिल्मों में साथ में काम किया। किसी फिल्म में ये दोनों एक दूसरे के विरोधी बने दिखें तो कभी एक-दूसरे के दोस्त, कभी अक्षय कुमार पर अमिताभ बच्चन सीनियर पुलिस अधिकारी बनकर हुक्म चलाते दिखें तो वही कभी पिता बनकर बेटे को सही राह पर चलाते। इन दोनों ने दर्शकों का हर किरदार से मनोरंजन किया।
किस्सा: अमिताभ बच्चन की वजह से अक्षय कुमार के लिए इस फिल्म में काम करना हो गया था मुश्किल, बताई वजह
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अमिताभ बच्चन के किरदार की वजह से हुई मुश्किल
अक्षय कुमार इस फिल्म को अपने करियर की सबसे मुश्किल फिल्म बताते हैं। अक्षय ने एक मीडिया बातचीत में बताया कि ये फिल्म उनके लिए इसलिए मुश्किल नहीं थी क्योंकि उनका किरदार मुश्किल था। बल्कि अमिताभ बच्चन के किरदार कि वजह से उनके लिए ये फिल्म मुश्किल हो गई थी। दरअसल फिल्म में अंत में ये दिखाया गया है कि अमिताभ बच्चन फिल्म में कैंसर की बीमारी से जूंझ रहे हैं। ये सीन करने के दौरान अक्षय कुमार को अपने पिता की याद आ गई।
शूट के दौरान पिता की बीमारी आई याद
दरअसल अक्षय कुमार के पिता हरि ओम भाटिया कैंसर से जूंझ रहे थे। जब अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन के साथ ये सीन शूट कर रहे थे तो उस दौरान उन्हें हमेशा अपने पिता की बीमारी याद आ जाती थी। इस वजह से अक्षय कुमार के लिए इस फिल्म को शूटिंग करना भी बहुत मुश्किल हो गया था। अक्षय ने बताया कि भावनात्मक रूप से इस फिल्म की शूटिंग करना उनके लिए बहुत मुश्किल हो गया था।
शूट के दौरान रो पड़ते थे अक्षय कुमार
अक्षय ने खुलासा करते हुए बताया कि इस फिल्म में भावुक सीन को शूट करते हुए कई बार वो पूरी तरह से टूट भी गए और उनकी आंखो से आंसू निकल गए। अक्षय ने कहा, ‘अगर आप सींस देखेंगे तो आपको वो असली लगेंगे। मेरे लिए भावनात्मक रूप से ये फिल्म बहुत ही मुश्किल थी’। अक्षय ने कहा, ‘शूटिंग के दौरान कई दफा ऐसा हुआ जब मैं अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाया। ये फिल्म हमेशा मेरे दिल के सबसे करीब रहेगी’।
पिता-बेटे की है कहानी
वक्त- द रेस अगेन्स्ट टाइम पिता-पुत्र की एक ऐसी कहानी है जिस पर ये फिल्म आधारित है। एक पिता अपने लापरवाह बेटे को रास्ते के लिए कड़ा रुख अपनाता है। शादी के बाद वो अपने बेटे को उनके पैर पर खड़े करने के लिए पूरी जद्दोजहत करता है। इस दौरान बेटा अपने पिता से नफरत करता है। जब बेटा अपने पैर पर खड़ा हो जाता है तो उसे पता लगता है कि उसके पिता कैंसर से जूंझ रहे हैं। 2005 में रिलीज़ हुई ये फिल्म सफल रही लेकिन कुछ ही समय बाद अक्षय ने कैंसर के हाथों अपने पिता को गंवा दिया।