भारतीय सिनेमा के इतिहास से जुड़े दस्तावेजों को अगर कोई खोजना चाहे तो उसके लिए डॉक्यूमेंट्स मिलना काफी मुश्किल होता है लेकिन अगर ऐसी कोई कोशिश होती है तो बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने मदद का पूरा भरोसा दिया है। जाहिर सी बात है अगर अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत आगे आते हैं तो भारतीय सिनेमा के इतिहास को पिरोना आसान हो जाएगा।
भारतीय सिनेमा के इतिहास को सहेजने में हमेशा रहूंगा आगे: अमिताभ बच्चन
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दरअसल, अमिताभ बच्चन ने शनिवार को 'बॉलिवुड-द फिल्म्स! द सॉन्गस! द स्टार्स!' नामक किताब के विमोचन पर पहुंचे। विमोचन कार्यक्रम में अमिताभ ने कहा कि भारतीय सिनेमा के इतिहास को पिरोने की कोई भी कोशिश होती है तो उसमें सबसे आगे बढ़कर वो मदद करेंगे। बता दें कि इस किताब को एसएमएम औसजा, करण बाली, राजेश देवराज और तनुल ठाकुर ने लिखा है।
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अमिताभ बच्चन ने कहा कि 'अगर एसएमएम औसजा या दूसरा कोई भी भारतीय सिनेमा के इतिहास पर लिखता है तो मैं उनकी मदद करने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। मुझे बहुत गर्व है कि औसजा ने मुझे किताब की भूमिका लिखने की जिम्मेदारी सौंपी और यह किताब बिल्कुल वही है जो मैंने किताब के बारे में व्यक्त की है।'
अमिताभ ने किताब के विषय की तारीफ करते हुए कहा कि 'उन्हें बॉलीवुड शब्द पसंद नहीं है। यह हॉलीवुड शब्द से कॉपी है। उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। सिनेमा पर दस्तावेज की कमी है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। जबकि इंडस्ट्री का इतिहास 100 साल का होने जा रहा है लेकिन इतिहास को सहेजने का काम नहीं हुआ।'
अमिताभ ने कहा, 'पहले हमारे पास संचार के इतने सारे माध्यम नहीं थे, ऐसा कुछ संभव नहीं था लेकिन अब ऐसा नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री एक सम्मानजनक स्थान है हमें इसे सहेजने की जरूरत है।'