हिंदी और बंगाली सिनेमा के जाने-माने निर्माता और निर्देशक बासु चटर्जी के निधन के बाद उनके साथ काम कर चुके कलाकार अमोल पालेकर और रजित कपूर बहुत भावुक हो गए। उन्होंने बासु चटर्जी से जुड़े अपने साथ के कई किस्से साझा किए। बासु को याद करते हुए अमोल पालेकर कहते हैं कि बासु दा बहुत ही साधारण इंसान थे। उनका व्यक्तित्व उनकी फिल्मों में झलकता था। वह बहुत कम बोलते थे लेकिन ज्यादा समझ में आता था।
निजी लम्हों को याद कर भावुक हुए अमोल पालेकर, बोले- फिल्म की कहानी तक पूरी नहीं सुना पाते थे बासु दा
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अमोल पालेकर ने बासु चटर्जी के साथ 10 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। एक घटना को साझा करते हुए अमोल पालेकर कहते हैं, ''रजनीगंधा' की कहानी बासु दा ने सुनाते हुए मुझसे कहा, 'एक लड़का होता है, मान लो तुम हो, एक लड़की होती है, विद्या सिन्हा…' उसके बाद वह रुक गए और उन्होंने कहानी मेरे हाथ में पकड़ा दी। और मुझसे बोले कि वह कहानी मैं खुद पढूंगा तो ज्यादा बेहतर होगा। उनके जितनी साधारण तरीके से स्टोरी कोई नहीं बता सकता था। इसके बाद वह पर्दे पर भी अपनी कहानियों को बहुत अच्छे से पेश करते थे।'
अपनी यादों को आगे बढ़ाते हुए अमोल ने बताया कि 'रजनीगंधा' को बनकर तैयार होकर दो साल बीत चुके थे लेकिन कोई भी वितरक इस फिल्म को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए तैयार नहीं था। वह हमेशा पूछते थे कि हीरो कौन है? फिर वह सोचते थे कि एक नया लड़का मराठी नाम के साथ हीरो कैसे हो सकता है? जब उन्हें पता चलता है कि फिल्म में हीरोइन भी नई है और विलेन भी कोई नहीं है तो उनका फिल्म से बिल्कुल मोहभंग हो जाता था। हालांकि बाद में उन्हें बासुदा की सोच का अंदाजा हो गया था।
रजित कपूर ने बासु चटर्जी के साथ टीवी सीरीज 'ब्योमकेश बक्शी' में काम किया है। वह बताते हैं कि लेखक सुजीत सेन ने उन्हें बासुदा से मिलवाया था। रजित बताते हैं कि जब वह बासु से मिले, तब वह लगभग 30 एपिसोड से ज्यादा की पटकथा लेकर तैयार थे। वह कहते हैं, 'जब से बासुदा ने पटकथा लिखना शुरू किया, वह हमेशा मुझसे कहते थे कि अगर कोई गलती मिले तो मैं उन्हें जरूर बताऊं। मैं उनके साथ पहली बार काम कर रहा था। फिर भी मुझे अजीब नहीं लगा। क्योंकि, उन्होंने पहली मुलाकात में ही मुझे अपना लक्ष्य बता दिया था।'
बासु चटर्जी की आदतों के बारे में बताते हुए रजित कपूर कहते हैं, 'एक फिल्म निर्माता और निर्देशक के रूप में वह बहुत ही व्यवस्थित और पेशेवर थे। अगर वह क्रू से बोलते कि कल नौ बजे शूटिंग शुरू होनी है तो 9:20 तक शूटिंग शुरू हो जाती थी। शाम को छह बजे तक वह पैकअप करके घर चले जाया करते थे। मेरे अलावा इस शो में केके रैना, सुकन्या कुलकर्णी और कार्तिक दत्ता भी मुख्य भूमिकाओं में थे। उनके साथ काम किए मुझे लगभग 30 वर्ष बीत चुके हैं लेकिन वह शो मुझे अब भी याद है।'