हिंदी सिनेमा के कई जाने-माने कलाकारों के साथ बासु चटर्जी की यादें जुड़ी हुई हैं। उनके चले जाने के बाद अब वह कलाकार अपने अंदर बासु चटर्जी को उन्हीं यादों के सहारे जिंदा रखे हुए हैं। बासु के निर्देशन में फिल्म 'चितचोर' में काम कर चुकी अभिनेत्री जरीना वहाब बताती हैं कि वह उनके और उनके परिवार के बहुत करीब थीं। उन्होंने बताया कि लगभग दो साल पहले अमोल पालेकर, दीप्ति नवल, विद्या सिन्हा, बिंदिया गोस्वामी और खुद जरीना वहाब बासु चटर्जी के घर पर ही मिले थे।
जब निर्देशक राज तिलक से बोले बासु दा, 'बिंदिया के दांत ऐसे ही रहने दो, इसकी आंखें बहुत अच्छी लगेंगी'
बासु चटर्जी के साथ किए काम के बारे में बताते हुए जरीना वहाब कहती हैं, 'मैंने उनके साथ पहली बार फिल्म 'चितचोर' में काम किया। एक बार शूटिंग के दौरान मैं मास्टर राजू के साथ बैठी हुई थी। मास्टर राजू हमें बता रहे थे कि एक गूंगा इंसान पानी कैसे मांगेगा? बासु दा हमें लगभग 10 मिनट से देख रहे थे लेकिन उन्होंने हमें टोका तक नहीं। इसके बाद मैंने उनके साथ 'हुआ सवेरा' में काम किया लेकिन वह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। उन्होंने मुझसे कहा कि वह मेरी फीस नहीं दे सकते लेकिन वह निर्माता से कहेंगे कि वह मुझे एक कार दे। वह सबसे अच्छे निर्देशकों में से एक थे जिनके साथ मैंने अब तक काम किया है।'
भारतीय सिनेमा के शानदार कलाकार अनु कपूर ने भी बासु चटर्जी के साथ वर्ष 1986 में आई फिल्म 'चमेली की शादी' में काम किया है। वह बताते हैं, 'इस फिल्म का सेट उत्तर भारत के छोटे शहर मथुरा में लगा हुआ था। उस शहर को बासु दादा बहुत अच्छे से समझते थे क्योंकि वह वहां रह चुके थे। दुर्भाग्य से निर्माता एक कमर्शियल सफलता के पीछे पड़ गए और उन्हें अपनी लय से हटकर फिल्म बनाने के लिए बाध्य किया। उन्होंने फिल्म तो बना दी लेकिन उस कहानी का जो स्वाद था, वह खो गया। हालांकि, फिल्म में उनकी प्रस्तुति ने लाज बचा ली थी।'
अभिनेत्री बिंदिया गोस्वामी बासु चटर्जी से अपने पहली मुलाकात के बारे में बताते हुए कहती हैं, 'मैं बासु दा से पहली बार तब मिली थी जब मुझे राज तिलक के निर्देशन में बन रही फिल्म 'मुक्ति' में काम करने का मौका मिला। मैं बीआर फिल्म्स के ऑफिस में बैठी हुई थी और उस समय बासुदा उस प्रोडक्शन हाउस के लिए फिल्म बना रहे थे। वह भी उसी जगह मौजूद थे। तिलक जी मुझे सलाह दे रहे थे कि मेरे आगे के दांत बहुत बाहर हैं। उनके साथ कुछ करना होगा। लेकिन उस समय वहां मौजूद बासु दा ने तिलक जी से कहा कि नहीं, उसे वैसे ही रहने दो जैसी वह है। उसकी बड़ी-बड़ी आंखें हैं, जो पर्दे पर बहुत अच्छी लगेंगी। महीनों बाद उन्होंने मुझे 'खट्टा मीठा' में कास्ट किया।'
गौरतलब है कि बासु चटर्जी गुरुवार को बासु चटर्जी के निधन की खबर आई थी। जिसके बाद पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री शोक में डूब गई थी। वहीं अब तमाम सितारे जो बासु दा को साथ काम कर चुके हैं वो उन्हें याद कर रहे हैं। बासु दा अपनी एक बेहतरीन निर्देशक थे। उन्होंने चितचोर, गोलमाल, मुक्ति, चमेली की शादी जैसी यादगार फिल्में सिनेमाजगत को दी हैं।
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