हर इंसान अपने जीवन में किसी न किसी का प्रशंसक तो होता ही है, फिर मामला अभिनय का हो तो बात ही कुछ और है। शिमला में रहते हुए कभी घर में बिना बताए या फिर भीड़ में लात घूंसे खाकर दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार की फिल्में देखने वाले अनुपम खेर ने अपने इस फेवरिट कलाकार से पहली बार मिलने का एक खास किस्सा अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में सुनाया। और, ये भी बताया कि क्या हुआ जब पहली बार दोनों का कैमरे के सामने हुआ था आमना-सामना!
EXCLUSIVE: जब दिलीप कुमार से मिलने जबरन पार्टी में घुसे अनुपम खेर, अमर उजाला को सुनाया पूरा किस्सा
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पिछले महीने की 25 तारीख को अपनी अनुपम अभिनय यात्रा के शानदार 36 साल पूरे करने वाले और अभिनय के सारे नौ रसों को अपनी 515 फिल्मों के अलग अलग किरदारों से अपने चाहने वालों के सामने पेश कर चुके अनुपम खेर अब कुछ नया करने जा रहे हैं। उनका नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ का डिजिटल लॉन्च रविवार को होने जा रहा है। इस नाटक का एक हिस्सा दमदार कलाकार अनुपम खेर और अतुलनीय प्रतिभावान अभिनेता दिलीप कुमार की पहली ‘मुठभेड़’ का किस्सा भी है।
अनुपम खेर बताते हैं, “मेरी दिलीप साब से पहली मुलाकात काफी दिलचस्प रही। ये बात सारांश की रिलीज से कोई साल भर पहले की है। मेरे एक पत्रकार मित्र रहे हैं अली पीटर जॉन। उनका फोन आया कि स्क्रीन (साप्ताहिक फिल्म पत्रिका) की पार्टी है, तुम भी आ जाओ। तो इस पार्टी में मैं बिन बुलाए मेहमान की तरह या समझिए कि गेट क्रैशर की तरह जा पहुंचा। मुझे बताया गया था कि दिलीप साब पार्टी में आने वाले थे तो उनके मिलने की मेरी ललक मुझे इस पार्टी में ले आई।”
तो फिर क्या हुआ जब अनुपम खेर पहली बार दिलीप कुमार से साक्षात मिले? ये पूछने पर अनुपम चहक जाते हैं, “मैंने दिलीप साब को नमस्ते किया तो उन्हें लगा कि मैं शायद उनका कोई पुराना जानकार हूं और अरसे से मिला नहीं हूं। तो उन्होंने बहुत लाड से मेरा हाथ पकड़ लिया और सिर्फ पकड़ ही नहीं लिया, कोई 10-15 मिनट उसे थामे थामे ही पूरी पार्टी में घूमते रहे। वे मेरा परिचय लोगों से अपने पुराने जानकार के तौर पर कराते और मैं क्या कहता कि मैं कौन हूं? मैं तो घर लौटा दो दिन तक न हाथ धोए और न नहाया। अपना हाथ दिलीप कुमार के हाथों में होने के एहसास ने मुझे ऐसा करने से बार-बार रोक लिया।”
फिर वो लम्हा भी आया जब अनुपम खेर न सिर्फ दिलीप कुमार को बल्कि पूरी दुनिया को बता सके कि वह कौन हैं। सारांश रिलीज हो चुकी थी और सुभाष घई ने उन्हें साइन किया था फिल्म कर्मा के लिए। हिंदी सिनेमा में खलनायकों के कुछ ही किरदार हुए हैं जिनके नाम लोगों को दशकों बाद भी याद रहे, जैसे कि गब्बर सिंह, डॉक्टर डैंग और मोगैम्बो। कर्मा में अनुपम खेर ने डॉक्टर डैंग का रोल किया है।