बीते साल अभिनेता सिद्धार्थ की एक तमिल फिल्म खूब चर्चा में रही, ‘चिट्टा’। चिट्टा माने चाचा। एक चाचा और एक भतीजी के रिश्ते की इस कहानी पर दूसरी भाषाओं में भी रीमेक बनाने की तैयारियां चलती रही हैं। और, अब खबर है कि ऐसी ही चाचा-भतीजी की एक कहानी पर फिल्म बन रही है, ‘हवा सिंह अंडाला’। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इन दिनों इसके पोस्ट प्रोडक्शन पर काम चल रहा है और इसके बारे में बात करते हुए फिल्म की मुख्य अभिनेत्री हर्षिता सिंह फूली नहीं समाती।
Apna Adda 18: हीरोइन बनकर मां के सपने को जी रही हूं, परिवार का साथ मिले तो हर जंग जीत सकते हैं कलाकार
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गांवों, छोटे कस्बों व शहरों के कलाकारों के हुनर को दुनिया के सामने लाने के लिए शुरू हुई सीरीज ‘अपना अड्डा’ में इस बार बारी पंजाब की हर्षिता की है। हर्षिता बताती हैं, “नाम से भले ये फिल्म बायोपिक जैसे लगती हो लेकिन ये किसी असल किरदार पर बनी फिल्म नहीं है। ये फिल्म उन हालात को बयां करती है, जब घर की बेटी बड़ी हो रही होती है और उससे उसके ही घरवाले दूरी बनाने लगते हैं। वह समझ नहीं पाती कि अब चाचा, मामा उसे गले क्यों नहीं लगाते। उससे खुलकर बात क्यों नहीं करते? उसके सामने हंसी मजाक क्यों नहीं करते?”
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हर्षिता मानती हैं कि गुड टच और बैड टच की स्कूली शिक्षा के चक्कर में खुशियों का टच कहीं खो गया है। वह कहती हैं, “मैं सिर्फ 15 साल की थी जब मैंने मनोरंजन जगत को अपना पेशा बनाने का फैसला किया। मेरी मां सरबजीत कौर ने मुझे पहली बार रैम्प पर उतारा और बिना किसी पूर्व अनुभव के मैं उस दिन फर्स्ट रनर अप रही। इसने मुझमें आत्मविश्वास जगाया।”
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अपनी मां के हीरो बनने के सपने को हर्षिता ने जीकर दिखाया है। वह कहती हैं, “मुझे देखकर मेरी छोटी बहन ने भी छह साल की उम्र में नृत्य सीखना शुरू कर दिया। हमारी मां सरबजीत कौर अपने दौर की मशहूर कलाकार रही हैं। वह अभिनेत्री भी बनना चाहती थीं, पर उन्हें घर वालों का साथ नहीं मिला। उन्हीं की प्रेरणा से मैंने अभिनय में रुचि लेना शुरू कर किया। मेरा मानना है कि परिवार वालों का साथ मिले तो एक हुनरमंद दुनिया जीत सकता है।”
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रैंप पर मिली तारीफों के बाद हर्षिता सिंह को सबसे पहला मौका एक शॉर्ट फिल्म में मिला। और, इस शॉर्ट फिल्म से जो शोहरत मिली, उसने उन्हें म्यूजिक वीडियोज की दुनिया में पहुंचा दिया। हर्षिता धीरे धीरे सधे कदम आगे बढ़ रही है। उनकी पहली हिंदी फीचर फिल्म पूरी हो चुकी है। हर्षिता मानती है कि उनका सफर अभी बस शुरू ही हुआ और अगर उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता रहा तो वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी किस्मत जरूर आजमाएंगी।