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बॉलीवुड में बॉयोपिक मतलब सुपरहिट होने की गारंटी, इस साल रिलीज होंगी 15 ऐसी फिल्में
बीबीसी हिंदी
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 20 Jan 2019 01:29 PM IST
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मणिकर्णिका
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यूरोप में सन 1815 में विएना कांग्रेस के समय एक जुमला बहुत मशहूर हुआ था 'यदि यूरोप के किसी एक देश को छींक आती है तो पूरे यूरोप को जुकाम लग जाता है वैसे ही बॉलीवुड में यदि एक फिल्मकार को छींक आती है तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री को जुकाम लग जाता है क्योंकि हम अक्सर देखते हैं कि हमारे यहां यदि किसी एक कथानक, एक विषय पर बनी फिल्म हिट हो जाती है तो लगभग सभी पिल्मकार उसी थीम पर फिल्म बनाने लगते हैं। आजकल इस बात को बायोपिक फिल्मों के रूप में साफ देखा जा सकता है। पिछले कुछ समय में हमारे यहां जिस तरह कुछे एक बायोपिक फिल्म हिट-सुपर हिट हो रही हैं, उसे देख अनेक फ़िल्मकार अब बायोपिक फिल्म बनाने में जुट गए हैं। इसलिए देश में जल्द ही बायोपिक फिल्मों का तूफ़ान आने को है।
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Uri and The Accidental Prime Minister
इस समय करीब 25 बायोपिक फिल्मों का काम तो बहुत तेजी से हो रहा है और लगता है जल्द ही कुछ और निर्माताओं के भी बायोपिक फिल्मों के प्रोजेक्ट सामने आ जायेंगे जबकि सम्भावना यह है कि साल 2019 में ही क़रीब 15 बायोपिक फिल्में दर्शकों को देखने को मिल सकेंगी। यह साल बायोपिक फ़िल्मों के नाम रहने वाला है इस बात के संकेत साल के इस पहले महीने में ही मिलने लगे हैं। शुरू में ही 11 जनवरी को प्रदर्शित फिल्म 'द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर' पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह की ज़िंदगी के उन 10 बरसों पर आधारित है जब वह दस बरस देश के प्रधानमन्त्री रहे। यहां तक इसी फिल्म के साथ प्रदर्शित एक और फिल्म 'उरी' भी सत्य घटना पर आधारित है जिसमें उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने पकिस्तान से बदला लेने के लिए पाक में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए थे।
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मणिकर्णिका
अगले सप्ताह 25 जनवरी को भी दो बायोपिक फ़िल्में एक साथ प्रदर्शित हो रही हैं। जिनमें एक है -'मणिकर्णिका -द क्वीन ऑफ झांसी' और दूसरी है 'ठाकरे'। यह संयोग है कि पिछले बरस 25 जनवरी को ही बहुचर्चित फिल्म 'पद्मावत' प्रदर्शित हुई थी। वह भी एक बायोपिक थी और वह पिछले वर्ष की उन हिट फिल्मों में शुमार हुई जिसने देश में ही 300 करोड़ रुपये का विशुद्ध कारोबार किया था। 'पद्मावत' भी रानी पदमावती की जिंदगी पर केन्द्रित थी और 'मणिकर्णिका' भी रानी लक्ष्मीबाई की जिंदगी पर है। हालांकि कुछ इतिहासकार पद्मावती को इतिहास का नहीं सिर्फ जायसी के महाकाव्य 'पद्मावत' का एक पात्र मानते हैं लेकिन पद्मावती हों या लक्ष्मीबाई दोनों को हमारे देश में बरसों बरसों से एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान मिलता आ रहा है।
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मणिकर्णिका
वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की कथा तो पाठ्य पुस्तकों में बच्चों के मन में भी एक जोश भरती आ रही है। इसलिए 'मणिकर्णिका' फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। ये उम्मीदें कुछ इसलिए भी ज्यादा हैं कि फिल्म में लक्ष्मीबाई की भूमिका अभिनेत्री कंगना रानौत कर रही हैं, जो अपने शानदार अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार तक पा चुकी हैं। इस बार दिलचस्प यह भी है कि इस फिल्म से कंगना पहली बार निर्देशन में भी अपना कास योगदान दे रही हैं। इस फ़िल्म का निर्माण जी स्टूडियो के साथ कमल जैन और निशांत पिट्टी कर रहे हैं।
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Thackeray Song
उधर निर्देशक अभिजीत पांसे की 'ठाकरे' शिव सेना संस्थापक और महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले बाला साहब ठाकरे की जीवन गाथा है। इसलिए इसे हिंदी के साथ मराठी में भी प्रदर्शित किया जा रहा है। फिल्म में ठाकरे की भूमिका अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने और उनकी पत्नी की भूमिका अमृता राव ने निभाई है। फिल्म अपने प्रोमो से ही सुर्खियों में है, इसलिए इस फिल्म से भी अच्छी उम्मीद संजोयी जा रही हैं। साल 2019 में जहाँ पहले महीने में ही एक साथ इतनी बायोपिक फिल्म आने से एक नया रिकॉर्ड बन रहा है। वहीं इस साल फिल्मकारों ने बायोपिक फिल्मों में महिलाओं की जिंदगी पर भी ज्यादा फोकस रखा है। इस साल 'मणिकर्णिका' तो रानी लक्ष्मीबाई पर है ही साथ ही लक्ष्मी नाम की एक अन्य महिला सहित इस साल कुल 6 महिलाओं की जिंदगी पर फ़िल्में देखने को मिल सकेंगी।
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