लगातार सात हिट फिल्में दे चुके आयुष्मान खुराना की आठवीं फिल्म 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है। फिल्म के विषय के आम दर्शकों के बीच रुचिकर न होने की आशंकाओं को लेकर वह शुरू से सतर्क रहे हैं। इस बीच उनका मेहनताना भी काफी बढ़ गया।
समलैंगिक प्रेमी का किरदार निभाते दिखेंगे आयुष्मान खुराना, कहा- 'मैं हिट फिल्मों की गिनती नहीं करता'
आप लगातार सात हिट फिल्में दे चुके हैं, क्या दिमाग में सुपरस्टार राजेश खन्ना के 15 हिट फिल्मों के रिकॉर्ड को तोड़ने जैसे विचार आते हैं?
उस समय के जैसा स्टारडम आज के समय में मुश्किल है। तब फिल्में हफ्तों तक सिनेमाघरों में चलती थीं। अब तीन-चार हफ्ते टिक जाए वही बहुत बड़ी बात है। वह मेगा स्टारडम का दौर पूरी तरह से अलग था जिसकी हम किसी भी तरह से बराबरी नहीं कर सकते हैं। हां, यह जरूर है कि मैं लगातार अच्छी फिल्में देना चाहता हूं। जो दर्शकों को पसंद आए। मैं खुद हिट फिल्मों की गिनती भी नहीं रखता हूं।
समाज के किस तबके को ध्यान में रखकर आप फिल्में करते हैं?
मैं हमेशा ऐसी फिल्में करता हूं जो मध्यम वर्ग वाले परिवारों पर असर छोड़ सके। वह हमारे देश का सबसे बड़ा तबका है। जिसके अंदर पढ़ने से लेकर आगे बढ़ने की चाहत होती है साथ ही अपनी संस्कृति के साथ बने रहनी की कोशिश रहती है। यह मध्यम वर्ग की पहचान भी है और घमंड भी है।
मैं शुरू से ही फिल्म अभिनेता बनना चाहता था। कॉलेज के समय में थियेटर मेरे लिए एक अभ्यास था। मैंने कभी प्रोफेशनल थियेटर नहीं किया हां, आज भी जब मैं कॉलेज वापस जाता हूं वहां जूनियर्स से मिलता हूं। उनसे बात करता हूं। बताता हूं क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए। इसके अलावा थियेटर से मेरा बहुत अधिक नाता नहीं रहा है।
फिल्में सफल होती है तो फीस अपने आप बढ़ ही जाती है। ऐसा कुछ नहीं है कि आपको कुछ अलग करना पड़ता है। मुझे लगता है कि फिल्म के अर्थशास्त्र का जो समीकरण है आपको बस उसी में सटीक बैठना चाहिए। ऐसी मांग नहीं करनी चाहिए जो उससे बाहर चली जाए। जो दायरे में हो वह हो सकता है।
आपकी लिखने पढ़ने और शेरो शायरी का अगला पड़ाव क्या किसी फिल्म की पटकथा होगी?
स्क्रिप्ट लिखना सबसे मेहनत का काम है। मेरे पास समय बहुत ही कम समय होता है। इतने समय में मैं दो पंक्तियां ही लिख पाता हूं जो अभी तक ट्विटर और और अधिक से अधिक गानों तक सीमित हैं। जो कलाकार ये काम करते हैं वे काफी काबिल हैं और मुझसे भी कहीं बेहतर कर रहे हैं।
