हिंदी सिनेमा के लिए साल 1992 कमाल का रहा। अनिल कपूर की फिल्म ‘बेटा’ उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म रही। शाहरुख खान ने भी उस साल ‘दीवाना’ से जानदार एंट्री बड़े परदे पर मारी। अमिताभ बच्चन की ‘खुदा गवाह’ का परचम अलग लहरा था। धर्मेंद्र ‘तहलका’ में तो सनी देओल ‘विश्वात्मा’ में छाए हुए थे। अजय देवगन की फिल्म ‘जिगर’ में भी लोगों को जान नजर आई। ऋषि कपूर भी स्वेटर बदल बदल कर और ’दीवाना’ बनकर ‘बोल राधा बोल’ गाने में लगे हुए थे। अक्षय कुमार की फिल्म ‘खिलाड़ी’ इस साल की स्लीपर हिट रही और इस साल की सरप्राइजिंग हिट फिल्म रही सुनील शेट्टी की डेब्यू फिल्म ‘बलवान’। लेकिन, इन सबके अलावा साल 1992 में याद रहता है मासूम सी मुस्कान लिए मोहक दिव्या भारती के लिए। दिव्या भारती ने भी हिंदी सिनेमा में इसी साल डेब्यू किया। तेलुगू और तमिल फिल्मों में दो साल काम करने के बाद इसी साल दिव्या भारती ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और पहले ही साल 10 हिंदी फिल्मों रिलीज होने का रिकॉर्ड बना डाला। शाहरुख खान और सुनील शेट्टी दोनों की डेब्यू फिल्मों की हीरोइन इस साल दिव्या भारती ही रहीं। 11 सितंबर 2020 को सुनील शेट्टी को बड़े परदे पर पेश हुए 28 साल हो गए और न सुनील शेट्टी ने किसी से कहा और न ही फिल्मों का शौक रखने वालों ने ही सोचा, लेकिन अन्ना के नाम से मशहूर सुनील शेट्टी की इस डेब्यू फिल्म के किस्से हम आपको आज के बाइस्कोप में सुनाएंगे।
बाइस्कोप: सुनील शेट्टी के बॉलीवुड में पूरे हुए 28 साल, यहां पढ़िए पहली फिल्म ‘बलवान’ के दिलचस्प किस्से
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दिल को लग गई समीक्षक की बात
अभी साल भर पहले ही सुनील शेट्टी एक फायर सेफ्टी प्रोडक्ट की लॉन्चिंग पर पत्रकारों से घिरे हुए थे और बात चल निकली फिल्मों में स्टंट की तो सुनील शेट्टी बोले, ‘मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि फिल्मों में वैसे स्टंट सीन भी करूंगा जैसे मैंने अपने करियर में किए हैं। मुझे याद है कि मेरी पहली ही फिल्म ‘बलवान’ में मुझे आग वाला एक स्टंट सीन करना था। उस दिन की याद मेरे जेहन से कभी जाती नहीं है। मैं एक स्वीमिंग पूल के किनारे बाइक पर था, और सोच रहा था कि कुछ गड़बड़ हो गई तो क्या होगा? लेकिन पहली फिल्म के इस डर से मैंने अगली फिल्म में ही निजात पा ली और इसके लिए मैं श्रेय देना चाहूंगा उन फिल्म समीक्षक का जिनकी उन दिनों तूती बोलती थी। उन्होंने लिखा कि ये हीरो बिल्कुल लकड़ी के खिलौने की तरह है। इसमें कोई भाव ही नहीं है। मेरा शरीर सौष्ठव ठीक था। लोग मुझे एक्शन फिल्मों के लिए साइन कर रहे थे तो मैंने सोचा चलो एक्शन खुद ही करके दिखा देता हूं, क्या पता इसी में उनको कुछ मेहनत दिख जाए।’ सुनील शेट्टी ने फिल्म ‘बलवान’ से लेकर ‘पहलवान’ तक एक लंबा सफर देखा है। इस सफर में एक से एक बड़ी हिट फिल्में उनके करियर में शामिल हैं। अक्षय कुमार के साथ तो वह करीब एक दर्जन फिल्मों में जोड़ी बना चुके हैं। लेकिन, अक्षय जहां अब भी हिंदी फिल्मों में लीड रोल कर रहे हैं, सुनील शेट्टी साउथ की फिल्मों मे कैरेक्टर रोल पकड़ चुके हैं।
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ब्रांडिंग के खेल में पीछे छूट गए अन्ना
सुनील शेट्टी और उनकी बिटिया अथिया शेट्टी दोनों की पहली फिल्में 11 सितंबर को ही रिलीज हुईं। और, दोनो के करियर के साथ एक ही दिक्कत रही कि दोनों को सही ब्रांडिंग सलाहकार नहीं मिले। सुनील शेट्टी ने तो खैर कभी अपना पीआर खुद करने की परवाह ही नहीं की। सुर्खियों में रहने के लिए न कभी किसी हीरोइन के साथ अफेयर, सगाई या फिर कोई दूसरी खबर प्लांट करवाई और न ही कभी किसी फिल्म में अपना रोल बड़ा करने के लिए दूसरों का रोल ही कटवाया। कभी किसी निर्देशक या निर्माता से उन्होंने ये नहीं कहा कि फिल्म के फाइनल एडिट में उनके रोल को थोड़ी ज्यादा तवज्जो दे दी जाए। उनके आगे पीछे फिल्मों में आने वाले हर हीरो के किस्से हैं, लेकिन सुनील शेट्टी की स्लेट गॉसिप के मामलों में पूरी तरह साफ है। अन्ना को नुकसान अगर किसी ने पहुंचाया तो उनके करीबियों ने ही पहुंचाया। अब भी उनके आसपास नजर आने वाले तथाकथित पीआरओ उनके नाम पर बड़े बड़े वादे कर आते हैं और अपना काम निकलते ही छूमंतर हो जाते हैं। इन सब हरकतों के चलते ही सुनील शेट्टी अपने करियर में पिछड़ते गए और एक समय बैक टू बैक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बावजूद आज कहीं दौड़ में भी नहीं हैं।
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जब आवे संतोष धन सब धन धूरि समान
सुनील शेट्टी से उनके अब तक के करियर के बारे में चर्चा करो तो वह कहते हैं, ‘मैं जहां हूं, जैसा हूं खुश हूं। संतुष्ट हूं। मेरा सबसे बड़ा धन संतोष धन है ये मैं इसलिए नहीं कह रहा कि आज मुझसे पूछा जा रहा है। मुझे जो पहले से जानते हैं, उनको भी ये पता है। जब मेरी फिल्में सुपर डुपर हिट होती थीं, तब भी मैं ऐसा ही था। मैंने कभी न तो अपनी फिल्मों के हिट होने का शोर मचाया और न ही कभी फिल्में फ्लॉप होने पर उनकी विफलता को दिल से लगाया। मैं जो करता हूं अपने हिसाब से करता हूं। मेरी किसी को लेकर जवाबदेही थोड़े ही है। जो भी मैं फैसले लेता हूं वे सब मेरे अपने फैसले हैं और उनकी जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है। बीच में मेरे पिताजी का समय ठीक नहीं चल रहा था तो मैं फोकस नहीं कर पा रहा था। आप तो जानते ही हैं कि परिवार मेरे लिए शुरू से मेरी पहली प्राथमिकता रहा है। मैं पार्टी करने वाला इंसान नहीं हूं लेकिन सबको पता है कि संजू, अक्षय, सलमान अक्षय खन्ना और अभिषेक से मेरे रिश्ते कैसे हैं। अक्षय और अजय देवगन हम लोगों के वक्त के हीरो हैं, और इन दिनों भी कमाल का काम कर रहे हैं। उनकी मेहनत और उनकी कामयाबी अब भी दूसरों को प्रेरित करती है।’
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राजू मवानी ने बना दिया हीरो
फिल्म ‘बलवान’ भी ऐसे ही दोस्ती यारी में बनी फिल्म है। राजू मवानी ने सुनील शेट्टी को एक दिन कहानी सुनाई और बोले कि चलो इस पर फिल्म बनाते हैं। दीपक आनंद डायरेक्टर थे और फिल्म के एडीटर थे ए मुथु जिन्होंने बहुत बाद में जाकर अभिषेक बच्चन को लेकर बतौर निर्देशक फिल्म बनाई, ‘तेरा जादू चल गया’। फिल्म में म्यूजिक महेश किशोर ने दिया है। फिल्म में कहानी का क्रेडिट निर्माता राजू मवानी के प्रोडक्शन हाउस के स्टोरी डिपार्टमेंट को दिया गया है और संवाद लिखे हैं प्रमोद शर्मा ने। फिल्म की यूएसपी इसके एक्शन हैं। एक्शन डायरेक्टर रवि दीवान ने सुनील शेट्टी के एंट्री सीन से ही इशारा कर दिया कि फिल्म मे एक्शन थोड़ा अलग हटकर रहने वाला होगा। आमतौर पर हिंदी फिल्मों में हीरो किसी ऊंची जगह से जंप मारता है तो या तो वह सीधे सामने खड़े बदमाश की छाती पर कूदता है या फिर जमीन पर आता है तो एक घुटना जमीन पर ही होता है।
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