मशहूर हॉलीवुड एक्टर और फिल्म मेकर बेनेडिक्ट कम्बरबैच को आप मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (एमसीयू) के डॉक्टर स्ट्रेंज के रूप में जानते होंगे। या 'शेरलॉक होम्स' सीरीज के ब्रिटिश जासूस शेरलॉक होम्स के नाम से उन्हें पहचानते होंगे। जाहिर सी बात है एक अभिनेता को उनके किरदारों के जरिए ही पहचाना जाए यही उसकी सफलता है। मगर, एक्टिंग की दुनिया में अपना लोहा मनवाने वाले बेनेडिक्ट कम्बरबैच प्रतिभा की खान है। पर्दे पर उन्होंने जितने किरदार निभाए हैं, उतनी विविधता उनके वास्तविक जीवन में भी झलकती है। आज बेनेडिक्ट कम्बरबैच का जन्मदिन है। आइए जानते हैं इनकी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार किस्से...
Benedict Cumberbatch Birthday: एक्टर नहीं वकील बनना चाहते थे डॉक्टर स्ट्रेंज, इस वजह से भारत में रहे थे एक साल
बनना चाहते थे वकील
बेनेडिक्ट कम्बरबैच का जन्म कलाकारों के परिवार में हुआ, लेकिन उन्होंने शुरुआत में खुद कभी यह बात नहीं सोची थी कि उन्हें कैमरे का सामना करना है। दरअसल, उनके पेरेंट्स भी नहीं चाहते थे कि वे एक्टिंग में आएं। लिहाजा, बेनेडिक्ट कम्बरबैच ने एक वकील बनने का सपना देखा। वर्ष 2015 में एक बातचीत के दौरान खुद अभिनेता ने कहा था, 'अभिनय एक बहुत ही अजीब चीज है। मेरे माता-पिता ने मुझे बेस्ट शिक्षा दी, ऐसे में दूसरे करियर गोल्स तय करने का मौका मेरे पास था।' कम्बरबैच ने कहा कि मैं एक बैरिस्टर बनना चाहता था। क्रिमिनल लॉ की तरफ मेरी दिलचस्पी थी। मेरा मानना था कि उनकी लाइफ काफी अच्छी होती है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोर्ट से संबंधित किरदार निभाने अच्छे लगते हैं।
भारत में रहे एक साल
बेनेडिक्ट कम्बरबैच ने करीब एक साल भारत में बिताया है। इस दौरान उन्होंने समाजसेवा करने की सोची और भारत के दार्जिलिंग में एक तिब्बती मठ में लोगों को अंग्रेजी सिखाने का फैसला किया। एक मीडिया बातचीत के दौरान उन्हों कहा था, 'मेडिटेशन का आइडिया हमेशा मुझे आकर्षित करता है। मैं एक बौद्ध भिक्षु के साथ एकांतवास में भारत गया था। इस दौरान कई और भिक्षु भी थे। वह अनुभव अविश्वसनीय था।' कम्बरबैच ने कहा कि उनकी इस प्रैक्टिस ने अभिनय में भी उनकी मदद की। उनका मानना है कि शांति और स्थिरता अभिनय का एक अनिवार्य हिस्सा है।
दक्षिण अफ्रीका में हुआ अपहरण
वर्ष 2005 की मिनी सीरीज 'टू द एंड्स ऑफ द अर्थ' को फिल्माते समय कम्बरबैच को अलग तरह का खौफनाक अनुभव हुआ। उनका जीवन खत्म होने की कगार पर था। दरअसल कम्बरबैच और उनके दो को-स्टार्स ने मोजाम्बिक के पास स्कूबा डाइव सीखने के लिए एक दिन की छुट्टी ली थी। बीच रास्ते में अचानक छह लोगों ने उन्हें घेर लिया। कम्बरबैच के मुताबिक, 'मेरी उनसे बहस हुई। जिंदगी खात्मे की तरफ थी, लेकिन भगवान का शुक्रिया है कि किसी तरह जान बची।' कैम्बरबैच ने कहा कि इस हादसे ने उन्हें यह सबक दिया कि जिंदगी को कम सामान्य तरीके से ही जीना चाहिए।
बदलता है आंखों का रंग
कम्बरबैच की आंखों का रंग लगातार बदलता रहता है। दरअसल, ऐसा एक दुर्लभ कंडीशन की वजह से है। इस स्थिति का नाम है हेटरोक्रोमिया। हालांकि, यह स्थिति दुर्लभ है, लेकिन हानिकारक नहीं है। इसकी वजह से अभिनेता की आंखें कभी नीली नजर आती हैं तो कभी हरी।
