{"_id":"5cc5f7cfbdec22070518badc","slug":"bharat-slow-motion-song-disha-patani-troll-by-designers-for-her-yellow-sari","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'स्लो मोशन' गाने में दिशा पाटनी की साड़ी को लेकर हुआ बवाल, बताया संस्कृति के खिलाफ","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'स्लो मोशन' गाने में दिशा पाटनी की साड़ी को लेकर हुआ बवाल, बताया संस्कृति के खिलाफ
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Mon, 29 Apr 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
Disha Patani
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
सलमान खान के फैन्स को उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म 'भारत' के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म का ट्रेलर और एक गाना भी रिलीज हो चुका है। दोनों को ही दर्शकों से अच्छा रिस्पांस मिला है। फिल्म का एक गाना 'स्लो मोशन' काफी चर्चा में है और इसमें सलमान और दिशा पाटनी की जोड़ी बेहद खूबसूरत लग रही है।
2 of 6
Slow Motion
- फोटो : social media
पॉपुलर हो रहे गाने 'स्लो मोशन' में सलमान खान और दिशा पाटनी के अलावा भी एक और चीज जो सबका ध्यान खींच है वो है दिशा पाटनी की साड़ी। इस गाने में दिशा ने पीले रंग की साड़ी पहनी हुई लेकिन उनके इस तरह से साड़ी पहनने को लेकर डिजाइनर्स भिड़ गए हैं।
3 of 6
भारत
- फोटो : instagram
इस गाने में दिशा के लुक को देखकर बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि 'साड़ी है कहां?' 'स्लो मोशन' गाने में पीले रंग की साड़ी के पल्लू को रस्सी की तरह मरोड़कर दिशा के कंधे पर डाल दिया गया है। यूट्यूब पर इस गाने को करीब 3 करोड़ ज्यादा लोगों देख चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
भारत
- फोटो : Youtube
डिजाइनर्स के बीच अब इस बात को लेकर बहस छिड़ी है कि गाने ममें साड़ी को सही तरीके से पेश नहीं किया गया। डिजाइनर गौरांग मानते हैं कि साड़ी का सार ही इसमें पूरी तरह से गायब हो गया है। ये भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता का हिस्सा है।
विज्ञापन
5 of 6
भारत
- फोटो : Youtube
डिजाइनर वारिजा बजाज का कहना है कि मॉडर्नाइजेशन और ट्रैजिक डिजास्टर के बीच एक पतली सी लाइन है। खराब तरीके से किया गया डिजाइन न केवल इसके लुक को बर्बाद कर देता है बल्कि साड़ी में नारीवाद के सार को भी खत्म कर देता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।