भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। आजमगढ़ से खाली हुई लोकसभा सीट पर वह दोबारा राजनीति में किस्मत आजमाने जा रहे हैं। बीजेपी के टिकट पर चुनाव में उतरे निरहुआ इस बार जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है। यही वजह है कि वह अपने चुनावी क्षेत्र में जमकर प्रचार कर रहे हैं। हालांकि ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि कोई भोजपुरी सितारा चुनावी रण में पहली बार उतरा हो। इससे पहले भी कई सितारे राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। आज इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि किस भोजपुरी सितारे ने कब और कहां से चुनाव लड़ा और उसका परिणाम क्या रहा...
Dinesh Lal Yadav: चुनावी मैदान में किस्मत आजमा चुके हैं ये भोजपुरी सितारे, जानें किसे मिली सफलता और कौन हुआ फेल?
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भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी का राजनीतिक करियर उनकी फिल्मों की तरह ही काफी सफल रहा है। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। अपने सियासी करियर की शुरुआत उन्होंने साल 2009 में समाजवादी पार्टी से की थी। हालांकि शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं मिली और इसके बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया। उन्हें साल 2014 में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर दिल्ली की उत्तर पूर्वी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। मनोज तिवारी ने मोदी लहर पर सवार हो कर चुनाव लड़ा और बड़ी आसानी से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाली। साल 2019 में दोबारा हुए लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी का जादू एक बार फिर देखने को मिला। इस चुनाव में मनोज ने कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित को करारी शिकस्त दी। मनोज को 7,87,799 वोट मिले जबकि शीला को 4,21,697 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
भोजपुरी फिल्मों में आपार सफलता के बाद रवि किशन का सियासी करियर भी शानदार चल रहा है। भोजपुरी सुपरस्टार का तमगा हासिल करने के बाद उन्होंने साल 2014 में राजनीति में कदम रखा है। वह जौनपुर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि कांग्रेस के साथ उनका जुड़ा ज्यादा समय तक नहीं रहा। 2017 में उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया और भाजपा में शामिल हो गए। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने गोरखपुर की सीट से अपनी किस्मत आजमाई और यहां से जीत हासिल करने में कामयाब रहे। इस चुनाव में रवि किशन को 717122 वोट मिले जबकि समाजवादी पार्टी के रामभुआल निषाद 415458 वोट हासिल किए। एक्टर ने 301665 वोटों के बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंदी को हराया था।
एक्ट्रेस नगमा बॉलीवुड के कई बड़े एक्टर्स के साथ नजर आ चुकी हैं। इसके बाद भोजपुरी फिल्मों में भी उनका बहुत अच्छा करियर रहा है, लेकिन राजनीति में उन्हें वैसी सफलता नहीं मिल सकी। साल 2014 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उन्होंने मेरठ से चुनाव लड़ा और हार गईं। इस चुनाव में उन्हें मात्र 13,222 वोट ही मिले जबकि भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने 1,67,298 वोट हासिल किए।
कुणाल सिंह को भोजपुरी इंडस्ट्री का अमिताभ बच्चन कहा जाता है। वो कई दशक से इस इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। फिल्मों के अलावा वह भी राजनीति में अपना हाथ आजमा चुके हैं। वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। लोकसभा चुनाव में उनके सामने शत्रुघ्न सिन्हा थे जिन्होंने कुणाल को करारी शिकस्त दी थी। पटना साहिब सीट पर शत्रुघ्न को 485905 मिले थे जबकि कुणाल को 220100 से ही संतोष करना पड़ा था।