देश में हुए घोटालों को पर्दे पर उजागर करने का एक चलन सा चल पड़ा है। जहां एक ओर ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव वर्ष 1992 में हुए स्टॉक मार्केट स्कैम को एक वेब सीरीज का रूप देकर उसे जल्द रिलीज करने की तैयारी में है। वहीं, दूसरी तरफ नेटफ्लिक्स भी देश के चार बड़े उद्योगपतियों की तरफ से हुई पैसे की हेरा फेरी को एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज के जरिए पर्दे पर लाने वाला है।
विजय माल्या और नीरव मोदी जैसों पर बनी डॉक्यूमेंट्री सीरीज, देश के चार बड़े घोटालों का होगा खुलासा
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प्लेटफॉर्म की यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज देश में कॉर्पोरेट सेक्टर के जिन चार बड़े घोटालों के बारे में बताने वाली है, उनके नाम हैं सत्यम, किंगफिशर, सहारा और नीरव मोदी स्कैम। और इन चारों बड़े घोटालों को एक सीरीज में समाहित करने वाली डॉक्यूमेंट्री का नाम है 'बैड बॉय बिलेनियर'। यह सीरीज सितंबर के महीने में ही रिलीज होगी।
सत्यम घोटाला वर्ष 2009 में देश की एक मशहूर कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स लिमिटेड में हुआ था। उस वक्त इस कंपनी के चेयरमैन बायराजू रामलिंग राजू थे। उन्होंने यह माना था कि कंपनी के खातों को गलत तरीके से दिखाया गया है। वहीं किंगफिशर कंपनी के मालिक विजय माल्या देश की बैंकों से कुल नौ हजार करोड़ का कर्जा लेकर अभी भी फरार हैं।
सहारा इंडिया परिवार कंपनी पर भी धोखाधड़ी का ही केस है। किसी भी कंपनी को शेयर मार्केट में जाने से पहले प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी से अनुमति लेनी होती है। सहारा की दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को सेबी ने गलत तरीके से पैसे की उगाही करते हुए पाया। जब इन पर जांच हुई तो पता चला कि सहारा के कई निवेशक फर्जी हैं। इन कंपनियों के जरिए सहारा ने गलत तरीके से लोगों से पैसे की कमाई की थी।
डॉक्यूमेंट्री सीरीज में चौथा नाम नीरव मोदी घोटाले का है। नीरव मोदी एक अरबपति हीरा कारोबारी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी गारंटी पत्र हासिल करके भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया है। इसका खुलासा पंजाब नेशनल बैंक ने किया था। इसके अनुसार उन्होंने गलत तरीके से 11400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। ये चारों ही देश के बड़े घोटाले हैं जिनको एक साथ एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज में दिखाया जाना है।