काला हिरण शिकार मामले में सरकार और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर मुख्यपीठ से बड़ी राहत मिली है। सलमान खान को अब 6 फरवरी को जोधपुर जिला अदालत में व्यक्तिगत रूप से नहीं पेश होना पड़ेगा। अभिनेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 437 ए के मुचलते पर पेश हो सकेंगे।
मुख्य न्यायाधीन इंद्रजीत मोहंती व न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने सलमान खान की ओर से पेश की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 फरवरी को जमानत मुचलके वर्चुअल माध्यम से पेश करने की इजाजत दे दी है। सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने जोधपुर जिला अदालत द्वारा अभिनेता को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सीआरपीसी की धारा 437 ए के तहत बेल बॉन्ड भरने के आदेश पिछले साल 14 सितंबर 2020 को दिए थे। जिसपर 28 सितंबर को सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए थे। जिसके बाद कोरोना महामारी की वजह से कई बार सुनवाई स्थगित होने के कारण सलमान को हाजिर माफी दी गई थी।
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Salman Khan
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जनरल वकील ने एएनआई से बता करते हुए बताया कि, 'उच्च न्यायालय ने कहा है कि वह जमानत बांड प्रस्तुत करने के लिए वस्तुतः हाजिर हो सकता है, लेकिन सुनवाई शुरू होने पर उसे शारीरिक रूप से पेश होना होगा।' बता दें कि इसी मामले में 16 जनवरी 2021 को अदालत में सुनवाई हुई थी, जिसमें अभिनेता को 6 फरवरी के दिन व्यक्तिगत रूप से पेश होकर बेल बॉन्ड भरने के आदेश दिए गए थे। जिसके खिलाफ याचिका पेश करते हुए सीआरपीसी 437 ए के तहत व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बॉन्ड भरने के प्रावधान को संविधान की धारा 14 व 21 के विपरीत बताते हुए चुनौती दी गई थी।
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गौरतलब है कि काला हिरण शिकार प्रकरण में ट्रायल कोर्ट ने पांच अप्रैल, 2018 को सलमान खान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में सह आरोपित बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू व सोनाली बेंद्रे को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।
सलमान खान को उस समय गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया था। तीन दिन बाद वे कोर्ट से मिली जमानत के आधार पर रिहा हुए थे। सलमान खान ने उन्हें सुनाई गई पांच साल की सजा को चुनौती दे रखी है। वहीं, आर्म्स एक्ट के मामले में कोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था।