विज्ञापन निर्माण से अपने करियर की शुरुआत करने वाले निर्देशक आर बालाकृष्णन उर्फ आर बाल्की हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्देशकों में से एक हैं। उन्होंने अब तक जितनी फिल्मों से हाथ लगाया है, वह सभी फिल्में शानदार प्रदर्शन करने वाली रही हैं। अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'चीनी कम' से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करने वाले आर बाल्की के जन्मदिन आपको सुनाते हैं उनकी 10 अनसुनी कहानियां।
B’day Spl: 67 साल के बच्चन को 12 साल का बच्चा बनाने वाले आर बाल्की की ये हैं 10 अनसुनी कहानियां
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बाल्की पढ़ने लिखने में बहुत अच्छे थे लेकिन उनका मन हमेशा से निर्देशन में ही ठहरा हुआ था। चेन्नई फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला ना लेने के बाद वह एकदम खाली थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे में क्या किया जाए। तभी उन्होंने उसी इंस्टीट्यूट के पास खुले एक नए कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में मास्टर इन कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स करने के लिए दाखिला ले लिया। तीन साल पढ़ाई करने के बाद भी वहां वह अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाए क्योंकि उनकी अटेंडेंस बहुत कम थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह अपना ज्यादातर समय फिल्म देखने और क्रिकेट खेलने में बिताया करते थे। इस वजह से वह कंप्यूटर इंस्टीट्यूट को अपना समय नहीं दे पाए।
एक दिन बाल्की ने मुद्रा कम्युनिकेशन का अखबार में एक विज्ञापन देखा। उन्हें नहीं पता था कि वह कंपनी क्या करती है? बस उन्हें यह पता था कि उन्होंने वह लोगो धारावाहिक 'बुनियाद' के हर एपिसोड के साथ देखा था। उन्हें लगा था कि ये कंपनी निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी की है। विज्ञापन में कहा गया था कि 100 शब्दों में अपने आप का व्याख्यान कीजिए। बाल्की ने ऐसा ही किया और वह एजेंसी की तरफ से ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए चुन लिया गए। इस तरह से बाल्की ने अनजाने में यह कोर्स कर लिया।
इस कोर्स को करने के बाद बाल्की को इतना मजा आया कि उन्होंने विज्ञापन में ही काम करना शुरू कर दिया। फिर वह विज्ञापन ही करते रहे। उन्होंने आजकल टीवी पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय कुछ विज्ञापनों की टैगलाइन जैसे, सर्फ एक्सेल के लिए 'दाग अच्छे हैं', टाटा चाय के लिए 'जागो रे', आइडिया सेल्यूलर लिमिटेड कंपनी के लिए 'व्हाट एन आईडिया सर जी' लिखीं जो आजकल लोगों की जुबान पर चढ़ी रहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने हैवेल्स, तनिष्क, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल, हमारा बजाज, ब्रिटानिया, पेप्सोडेंट आदि के भी विज्ञापन किए।
आर बाल्की ने महानायक अमिताभ बच्चन और तब्बू के साथ फिल्म 'चीनी कम' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। उस समय तक बाल्की को हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं था। बाल्की की मातृभाषा तमिल है। वह तमिल और इंग्लिश भाषा ही जानते हैं। फिल्म के सेट पर ही बाल्की का एक दोस्त था जिसने उन्हें निर्देशन और संवादों को तमिल से हिंदी मैं समझाने का काम किया।
आर बाल्की के निर्देशन में बनी दूसरी फिल्म 'पा' है। इस फिल्म में भी उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन को मुख्य भूमिका निभाने के लिए तैयार किया था। अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में 12 वर्ष के बच्चे की भूमिका निभाई है। यह ऐसी फिल्म रही जिसमें पिता ने बेटे का और बेटे ने पिता का किरदार निभाया है। हालांकि, अभिषेक बच्चन इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के पिता का किरदार निभाने के लिए तैयार नहीं थे। पूरा एक दिन अभिषेक को बहलाने-फुसलाने के बाद बाल्की ने उन्हें इस किरदार के लिए तैयार किया था।
यह कहानी भी बहुत कम लोग जानते होंगे कि आर बाल्की ने फिल्म 'पा' की पटकथा दो बार में लिखी थी। पहले पटकथा उन्होंने बहुत ही हल्की-फुल्की लिखी थी। हालांकि, उस फिल्म को करने के लिए भी अमिताभ बच्चन तैयार थे लेकिन उन्होंने कहा कि अगर इसमें हम थोड़ी और भावनाएं अगर मिलाएंगे तो इसकी कहानी में वजन बढ़ जाएगा। अमिताभ बच्चन की बात पर आर बाल्की ने गौर किया और 10 दिन बाद पुरानी पटकथा को फाड़कर नई पटकथा लिख डाली।
आर बाल्की पूरा मन बना कर ही निर्देशन की दुनिया में घुसे थे। वह इस काम के लिए इतने उत्साहित थे कि वह अपने किए हर काम पर फख्र महसूस करते हैं। जब उन्होंने फिल्म 'पा' लिखी और खुद निर्देशित भी की, तब उनसे पूछा गया कि आप एक बुजुर्ग कलाकार से 12 साल के बच्चे का किरदार कैसे करवा सकते हैं? उस वक्त बाल्की ने कहा था, 'अगर उस 12 साल के बच्चे में किसी ने एक बुजुर्ग को ढूंढ लिया तो मैं निर्देशन की दुनिया छोड़ दूंगा।'
आर बाल्की ने अपने निर्देशन करियर की तीसरी फिल्म भी अमिताभ बच्चन के साथ ही की। फिल्म 'शमिताभ' के लिए उन्होंने मुख्य भूमिका निभाने के लिए पहले शाहरुख खान को मनाने की कोशिश की थी लेकिन उस वक्त शाहरुख खान अपनी दूसरी फिल्मों में व्यस्त थे। इस वजह से वे इस फिल्म को तारीखें नहीं दे पाए। बाद में आर बाल्की ने उनकी जगह धनुष को फिल्म में लिया। बाल्की अपनी फिल्मों को लेकर इतने चुनिंदा किस्म के व्यक्ति हैं कि महिला मुख्य किरदार के लिए उन्होंने 76 लोगों का टेस्ट लिया, जिसमें अक्षरा हसन को चुना गया।