ग्रेट शोमैन राज कपूर को इस दुनिया से अलविदा कहे हुए 33 साल हो गये हैं, लेकिन उनके कई किस्से आज भी उतने ही मशहूर हैं, जितने उस जमाने में थे। तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और 11 फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजे जाने वाले राज कपूर ने 10 साल की उम्र में पहली बार हिंदी फिल्म 'इंकलाब' में अभिनय किया। फिल्म इंडस्ट्री की इस महान शख्सियत ने मात्र 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो 'आर.के स्टूडियो' स्थापित कर डाला।
किस्से बॉलीवुड के: 1 रुपये महीने की नौकरी पर स्टूडियो में झाड़ू लगाते थे राज कूपर, जमीन पर थे सोते
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वो ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने ग्यारह साल की उम्र में फिल्म 'वाल्मीकि' में अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ काम किया और बाईस साल की उम्र में पहली फिल्म 'आग' बनाकर सिनेमा प्रेमियों को चकित कर दिया। उन्होंने भारतीय सिनेमा को कालजयी फिल्में दीं। उनकी 'आवारा', 'श्री 420', 'मेरा नाम जोकर', 'बरसात' 'जागते रहो', 'राम तेरी गंगा मैली' और 'बॉबी' जैसी फिल्में आज भी दर्शकों को खूब पसंद आती हैं।
यह तो सभी जानते हैं कि राज कपूर को राज कपूर बनाने में उनके पिता पृथ्वीराज कपूर का अहम योगदान था। उन्हें सिनेमा की समझ अपने पिता से ही मिली और उनकी रचनात्मकता को भी पिता ने ही निखारा। बताया जाता है कि एक बार राज कपूर अन्य बच्चों की ही तरह ट्राम से स्कूल जाने वाले थे, लेकिन बाहर जोरों की बारिश हो रही थी। उन्होंने जब अपनी मां से पूछा कि वो आज कार से स्कूल जा सकते हैं? इस पर मां ने पिता से पूछ कर बताने के लिए कहा। जब पृथ्वीराज कपूर ने यह सुना तो जवाब दिया कि इस बारिश में पानी के थपेड़े झेलते हुए स्कूल जाने में भी 'थ़्रिल' है और राज कपूर को इसका तजुर्बा लेने दो। राज दरवाजे के पीछे से मां और पिता की बात सुन रहे थे, जिस पर उन्होंने पिता पृथ्वी राज कपूर से कहा, 'सर, मैं ट्राम से ही स्कूल जाऊंगा।'
राज कपूर ने अपनी पहली नौकरी पिता के स्टूडियो में ही की थी। उनके कहने पर पिता ने उन्हें 1 रुपए महीने की नौकरी पर रखा था और राज कपूर का काम स्टूडियो में झाड़ू लगाना था। स्टूडियो में झाड़ू लगाकर ही इस महान फिल्मकार ने एक दिन 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो खोल लिया, जिसके बैनर तले खूब फिल्में बनी।
राज कपूर के बारे में कहा जाता है कि वो कभी बिस्तर पर नहीं सोते थे। उन्हें जमीन पर सोने में ही आनंद आता था। वो जब किसी होटल में भी ठहरे थे, तो भी जमीन में ही सोते थे। यह भी कहा जाता है कि वो जब लंदन के मशहूर हिल्टन होटल में जमीन पर सोने जा रहे थे, तो उन्हें होटल प्रबंधकों ने इसके लिए चेताया भी और ऐसा नहीं करने के लिए कहा। जब वो नहीं माने और गद्दा खींचकर अगली बार भी जमीन पर ही सोये तो उन पर जुर्माना लगाया गया।अपनी इस आदत के कारण पांच दिन तक वो जुर्माना भरते रहे।