फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इन फिल्मों के अंत ने फैंस को रुलाया, इस एक फिल्म को देखने के बाद तो प्रेमी जोड़ों ने की थी आत्महत्या

Wed, 11 Dec 2019 12:09 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Wed, 11 Dec 2019 12:09 PM IST
विज्ञापन
Bollywood Romantic Movie Which Do not Have Happy Ending
Movies - फोटो : Twitter

हिंदी सिनेमा में हमेशा से रोमांटिक फिल्मों का बोलबाला रहा है फैंस का मानना है कि फिल्म में अगर 'हैप्पी एंडिंग' ना हो तो वो फिल्म पैसा वसूल नहीं है। बावजूद इसके हिंदी सिनेमा में कुछ प्रेम कहानियां बनी, जिनमें हीरो-हीरोइन का बिछड़ना दिखाया गया और दर्शकों ने उसे खूब प्यार दिया। आइए आज बात करते हैं ऐसी ही पांच फिल्मों की।

Bollywood Romantic Movie Which Do not Have Happy Ending
मुगल-ए-आजम

मुगल-ए-आजम

1960 में आई निर्देशक के आसिफ की फिल्म "मुगल-ए-आजम" ऐसी ही फिल्म थी। फिल्म के अंत में अनारकली को दीवार में चुनवा दिया जाता है और इस तरह दो प्यार करने वाले एक दूसरे से अलग हो जाते हैं। हालांकि फिल्म में अनारकली तो बच गई लेकिन सलीम से कभी नहीं मिल पाने का गम फैंस के दिल में आज भी ताजा है।
Bollywood Romantic Movie Which Do not Have Happy Ending
रति अग्निहोत्री - फोटो : Twitter

एक दूजे के लिए

1981 में के बालाचंद्र द्वारा बनाई गई इस फिल्म में कमल हासन और रति अग्निहोत्री के बीच की केमिस्ट्री ने पर्दे पर कमाल कर दिया था। रिलीज के कुछ ही दिन बाद इसे ब्लॉकबस्टर डिक्लेयर कर दिया गया। फिल्म के क्लाइमैक्स में रति और कमल दोनों के ही किरदार पहाड़ से कूदकर आत्महत्या कर लेते हैं। इससे इंस्पायर होकर देश के ढेर सारे कपल्स ने सुसाइड करना शुरू कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Bollywood Romantic Movie Which Do not Have Happy Ending
Qayamat Se Qayamat Tak

कयामत से कयामत तक

आमिर खान और जूही चावला की 1988 में आई फिल्म 'कयामत से कयामत तक' तो आपको याद ही होगी। ये वही फिल्म थी जिसके रिलीज के बाद आमिर रातों रात स्टार बन गए थे। आमिर की यह पहली सुपरहिट फिल्म थी। जूही और आमिर का प्यार के लिए जान दे देना दर्शकों को भा गया था। जिसके बाद आमिर और जूही की जोड़ी पसंद की जाने लगी। 'कयामत से कयामत' तक आमिर खान की दूसरी और जूही चावला की तीसरी फिल्म थी।फिल्म रिकॉर्डतोड़ कमाई करने में सफल रही थी।

विज्ञापन
Bollywood Romantic Movie Which Do not Have Happy Ending
सदमा - फोटो : Twitter

सदमा

श्रीदेवी और कमल हासन की फिल्म 'सदमा' को बालनाथन बेंजामिन महेंद्र ने डायरेक्ट किया था। तीन फिल्म फेयर जीतने वाली ये फिल्म श्रीदेवी और कमल हासन के करियर में मील का पत्थर कही जाती है।'सदमा' में श्रीदेवी ने एक ऐसी लड़की नेहालता का किरदार निभाया था जो पुरानी जिंदगी भूल चुकी होती है और वो मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन (फिल्म में सोमू टीचर) के साथ उसके घर पर रहने लगती है। सोमू उससे प्यार करता है उसका इलाज कराता है और जब वो ठीक हो जाती है तो सोमू को भूल जाती है। याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ के आगे बढ़ जाती है। ये सीन आज भी लोगों के दिल को छू जाता है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed