हिंदी सिनेमा में हमेशा से रोमांटिक फिल्मों का बोलबाला रहा है फैंस का मानना है कि फिल्म में अगर 'हैप्पी एंडिंग' ना हो तो वो फिल्म पैसा वसूल नहीं है। बावजूद इसके हिंदी सिनेमा में कुछ प्रेम कहानियां बनी, जिनमें हीरो-हीरोइन का बिछड़ना दिखाया गया और दर्शकों ने उसे खूब प्यार दिया। आइए आज बात करते हैं ऐसी ही पांच फिल्मों की।
इन फिल्मों के अंत ने फैंस को रुलाया, इस एक फिल्म को देखने के बाद तो प्रेमी जोड़ों ने की थी आत्महत्या
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मुगल-ए-आजम
1960 में आई निर्देशक के आसिफ की फिल्म "मुगल-ए-आजम" ऐसी ही फिल्म थी। फिल्म के अंत में अनारकली को दीवार में चुनवा दिया जाता है और इस तरह दो प्यार करने वाले एक दूसरे से अलग हो जाते हैं। हालांकि फिल्म में अनारकली तो बच गई लेकिन सलीम से कभी नहीं मिल पाने का गम फैंस के दिल में आज भी ताजा है।
एक दूजे के लिए
1981 में के बालाचंद्र द्वारा बनाई गई इस फिल्म में कमल हासन और रति अग्निहोत्री के बीच की केमिस्ट्री ने पर्दे पर कमाल कर दिया था। रिलीज के कुछ ही दिन बाद इसे ब्लॉकबस्टर डिक्लेयर कर दिया गया। फिल्म के क्लाइमैक्स में रति और कमल दोनों के ही किरदार पहाड़ से कूदकर आत्महत्या कर लेते हैं। इससे इंस्पायर होकर देश के ढेर सारे कपल्स ने सुसाइड करना शुरू कर दिया।
कयामत से कयामत तक
आमिर खान और जूही चावला की 1988 में आई फिल्म 'कयामत से कयामत तक' तो आपको याद ही होगी। ये वही फिल्म थी जिसके रिलीज के बाद आमिर रातों रात स्टार बन गए थे। आमिर की यह पहली सुपरहिट फिल्म थी। जूही और आमिर का प्यार के लिए जान दे देना दर्शकों को भा गया था। जिसके बाद आमिर और जूही की जोड़ी पसंद की जाने लगी। 'कयामत से कयामत' तक आमिर खान की दूसरी और जूही चावला की तीसरी फिल्म थी।फिल्म रिकॉर्डतोड़ कमाई करने में सफल रही थी।
सदमा
श्रीदेवी और कमल हासन की फिल्म 'सदमा' को बालनाथन बेंजामिन महेंद्र ने डायरेक्ट किया था। तीन फिल्म फेयर जीतने वाली ये फिल्म श्रीदेवी और कमल हासन के करियर में मील का पत्थर कही जाती है।'सदमा' में श्रीदेवी ने एक ऐसी लड़की नेहालता का किरदार निभाया था जो पुरानी जिंदगी भूल चुकी होती है और वो मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन (फिल्म में सोमू टीचर) के साथ उसके घर पर रहने लगती है। सोमू उससे प्यार करता है उसका इलाज कराता है और जब वो ठीक हो जाती है तो सोमू को भूल जाती है। याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ के आगे बढ़ जाती है। ये सीन आज भी लोगों के दिल को छू जाता है।