म्यूजिक और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी टी सीरीज को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए करीब तीन दशक तक दिन रात मेहनत करने वाले विनोद भानुशाली अब खुद फिल्म निर्माता बन गए हैं। विनोद ने हरितालिका तीज के शुभ दिन पर गुरुवार को अपनी प्रोडक्शन कंपनी भंसाली स्टूडियोज का एलान करते हुए इसका लोगो जारी कर दिया। विनोद ने बीते तीन साल में ही एक के बाद एक ‘कबीर सिंह’, ‘बाटला हाउस’, ‘साहो’, ‘थप्पड़’ और ‘तानाजी द अनसंग वॉरियर’ जैसी ब्लॉकबस्टर व चर्चित फिल्मों के निर्माण से लेकर प्रचार प्रसार तक बतौर सह निर्माता महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विनोद के इस नए सफर में कमलेश भानुशाली, विशाल गुरनानी और जूही पारेख मेहता उनके हमसफर बने हैं।
बॉलीवुड:हिट फिल्मों के सूत्रधार रहे विनोद ने खोला भानुशाली स्टूडियोज, मुंबई में उगा मनोरंजन का नया सूरज
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विनोद अभी अपनी भावी योजनाओं के बारे में तो खुलासा नहीं करते लेकिन उनके करीबी बताते हैं कि भंसाली स्टूडियोज के दफ्तर में इन दिनों नई कहानियों, नए विचारों और नए प्रयोगों पर दिन रात काम चल रहा है। विनोद की एक टीम संगीत की दुनिया में भी कुछ नए और लीक से हटकर प्रयोग करने के विचार पर भी काम कर रही है। सिनेमा के लिए विनोद ने अपनी एक कोर टीम बनानी शुरू की है और सूत्र बताते हैं कि स्टूडियो की नई फिल्मों का एलान आने वाले महीनों में कभी भी शुरू हो सकता है।
विनोद भानुशाली की नई कंपनी को लेकर फिल्म जगत में काफी उत्साह देखा जा रहा है। टी सीरीज का अधिकतर काम देखते रहे विनोद की फिल्म उद्योग में अच्छी साख रही है और लोग उनकी तरफ आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। अपनी इस शख्सीयत को बनाने में वह टी सीरीज के योगदान को खुलकर स्वीकार करते हैं और कहते हैं, ‘एक तरह से देखा जाए तो मेरा असली करियर टी सीरीज से ही शुरू हुआ। इस कंपनी को छोड़ना मेरे लिए एक बहुत ही भावुक पल रहा। फिल्मों और संगीत के बारे में जो कुछ भी मेरी जानकारी है, सब मैंने इसी कंपनी में सीखा। मैं अपने पथप्रदर्शकों गुलशन कुमार व भूषण कुमार का इसके लिए सदा एहसानमंद रहूंगा।’
मुंबई कस्टम डॉक्स में क्लीयरिंग और फॉरवर्डिंग एजेंट का काम और उसके बाद कुछ अरसे तक सहारा स्टूडियो में करने वाले विनोद भानुशाली को 1994 में गुलशन कुमार टी सीरीज लेकर आए थे। गुलशन कुमार ने ही उन्हें टी सीरीज के उत्पादों की मार्केटिंग की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। विनोद के करियर का टर्निंग प्वाइंट रहा सलमान खान पर फिल्माया गया गाना ‘ओ ओ जाने जाना’,जिसे उन्होंने चैनल वी पर एक्सक्लूसिव तरीके से प्रीमियर किया। यहीं से टी सीरीज म्यूजिक कंपनी का लोक संगीत, भक्ति संगीत और क्षेत्रीय संगीत से फिल्म संगीत का असली सफर शुरू माना जाता है।
भंसाली स्टूडियोज से पहले विनोद भानुशाली ने टी सीरीज में रहते हुए भी इंडस्ट्री के तमाम नए प्रयोग किए। साल 2006 में टी सीरीज ने अपने गानों की लाइसेंसिंग की शुरूआत की और इसके बाद तो डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और पब्लिशिंग की शुरूआत करके विनोद ने टी सीरीज के मुनाफे में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की जोड़ दी। सोनू निगम के अलबम ‘दीवाना’ और अदनान सामी के अलबम ‘तेरा चेहरा’ के जरिए टी सीरीज को कैसेट और सीडी के दौर की अव्वल नंबर कंपनी बनाने वाले विनोद ने डिजिटल दौर में गुरु रंधावा, जुबिन नौटियाल और ध्वनि भानुशाली को पेश करके कंपनी को यूट्यूब पर भी अव्वल नंबर बना दिया।