कोरोना वायरस भारत में तेजी से लोगों में फैलता जा रहा है। इससे संक्रमित होने वालों की संख्या एक हजार से ज्यादा हो गई है। वहीं अब तक 25 लोग मर चुके हैं। लोगों के बीच संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान बॉलीवुड सितारे अपने फैंस को सोशल मीडिया के जरिए कोरोना वायरस से बचने की नसीहत दे रहे हैं। साथ ही लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की बात भी कर रहे हैं।
कोरोना वायरस से प्रभावित इन लोगों की मदद के लिए आगे आए जावेद अख्तर, पीएम मोदी के लॉकडाउन का किया सपोर्ट
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बॉलीवुड के कई सितारे ऐसे भी हैं जो कोरोना संक्रमित लोगों की मदद के लिए आगे भी आ रहे हैं। इस बीच मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए आगे आए हैं। जी हां, द इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईआरपीएस) ने उन 3150 लेखकों और संगीतकारों की मदद करने का फैसला किया जिनकी लॉकडाउन की वजह से रोजमर्रा की चीजों पर प्रभाव पड़ा है। जावदे अख्तर आईआरपीएस के अध्यक्ष हैं।
अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे की खबर के अनुसार द इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईआरपीएस) ने बीती 26 मार्च को आपातकालीन राहत पैकेज की घोषणा की। जिसके जरिए वह आईआरपीएस के उन सभी सदस्यों की मदद करेंगे जो 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से प्रभावित होने वाले हैं। इसके जरिए वह तीन हफ्तों तक अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे। इस मामले पर जावेद अख्तर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
IPRS pledges support to the vulnerable in the music industry pic.twitter.com/t88IFbzAw3
— Azmi Shabana (@AzmiShabana) March 26, 2020
जावेद अख्तर के अनुसार यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। इस फैसले के बारे में जावेद अख्तर ने कहा, 'इस विचार का कोई भी विरोध नहीं करेगा क्योंकि सभी इसकी गंभीरता से वाकिफ हैं। संगीत से कमाई गई रॉयल्टी हमारे द्वारा इकट्ठा की जाती है। यह प्रकाशकों, लेखकों और संगीतकारों को जाती है। अपने काम के आधार पर कुछ कंपनियां दूसरों से अधिक रॉयल्टी जमा करती है। मैंने महसूस किया है कि हमें इस कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिनके पास पर्याप्त रॉयल्टी नहीं है। हमने संगीत बिरादरी के लगभग 3,000 लोगों की एक सूची बनाई है। हमें उम्मीद है कि करीब एक सप्ताह में हम उन्हें वित्तीय राहत भेजना शुरू कर देंगे ताकि इससे वह अपनी बुनियादी आपूर्ति का प्रबंध कर सकें।'
आईपीआरएस के सीइओ राकेश निगम के अनुसार, 'हमने निश्चिय किया है कि हम लोगों को एक बार में ही पैसा उपलब्ध करा दें ताकि वह पर्याप्त मात्रा में सप्लाई इकट्ठा कर सकें। हमारे सदस्यों द्वारा अर्जित रॉयल्टी के प्रतिशत का उपयोग करके हम कल्याण और परोपकारी निधि एकत्र करते हैं। जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हम उस निधि से लगभग तीन करोड़ रुपये का उपयोग कर रहे हैं। यदि स्थिति बहुत लंबे समय तक ऐसी ही बनी रहती है तो हम भविष्य में कुछ और कदम उठाने के बारे में विचार कर सकते हैं। हम दान स्वीकार नहीं करते हैं और न ही हम कोई व्यवसाय चलाते हैं जिसका हमें समर्थन मिले। हम यह कदम अपनी मेहनत से कानूनी और सही तरीके से अर्जित की गई राशि के बल पर उठा रहे हैं।'
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