बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण मौजूदा दौर में हिंदी सिनेमा की नंबर वन हीरोइन हैं। वह सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाली अदाकारा तो हैं, हिंदी सिनेमा में उन्हें अब तक तीन बार फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वह देश और दुनिया की सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली हस्तियों में से भी एक हैं। दीपिका ने फिल्म दर फिल्म खुद को निखारा है, आज हम आपको बताते हैं इनके 10 बेहतरीन किरदारों के बारे में।
इन 10 किरदारों ने दीपिका को बनाया हीरोइन नं. 1, हर किरदार में दिखा अलहदा और असरदार अभिनय
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किरदार : शांतिप्रिय / सैंडी
फिल्म : ओम शांति ओम (2007)
यह फिल्म एक फिल्मी दुनिया का ही ड्रामा है। शांतिप्रिया (दीपिका पादुकोण) सिनेमा की एक अभिनेत्री है, जिसने गुप्त रूप से एक बड़े निर्माता मुकेश मेहरा (अर्जुन रामपाल) से शादी कर ली है। इंडस्ट्री के एक जूनियर कलाकार ओमप्रकाश मखीजा (शाहरुख खान) को शांतिप्रिया से प्यार हो जाता है। दोनों के रिश्ते को कोई मुकाम तो नहीं मिलता बल्कि ओम एक हादसा होते हुए देखता है जिसमें मुकेश शांति को जिंदा जला देता है। यह घटना ओम की आंखों के सामने हमेशा नाचती रहती है। दीपिका की यह पहली फिल्म है और इसी फिल्म से उन्हें पहचान मिलना शुरू हो गई थी। इस फिल्म में उनके कई रूप देखने को मिले। एक अभिनेत्री होकर अभिनेत्री का किरदार निभाना एक मंजे हुए कलाकार के लिए आसान होता होगा लेकिन इंडस्ट्री में कदम रखने वाले कलाकार के लिए तो ये एक चुनौतीपूर्ण किरदार ही माना जाएगा। यह उनकी शुरुआत थी फिर भी उन्होंने अपने हिस्से का पूरा अभिनय बड़ी शालीनता से किया। इसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू फीमेल का फिल्मफेयर अवार्ड मिला।
किरदार : मीरा पंडित
फिल्म : लव आज कल (2009)
मीरा पंडित (दीपिका पादुकोण) एक बहुत ही समझदार लड़की है। वह अपने सारे फैसले बड़े सोच समझकर लेती है। वह लंदन में अपने बॉयफ्रेंड जय (सैफ अली खान) के साथ रहती है। दोनों की जिंदगी बहुत अच्छी चल रही होती है तभी उनके करियर डगमगा जाते हैं। अब एक-दूसरे का बोझ उठाने और नीचा दिखाने से अच्छा वह एक दूसरे से अलग होना पसंद करते हैं। मीरा भारत वापस लौटती है और अपना काम आगे जारी करती है। एक हल्की-फुल्की कहानी में दीपिका ने अपने अभिनय से फिल्म में पूरी जान डाल दी है। ऐसी कहानियां तो हम अक्सर टीवी पर देखा करते हैं लेकिन ऐसा अभिनय थोड़ा कम ही देखने को मिलता है। मीरा का किरदार एक साधारण लड़की का ही है। बस मीरा और जय का रिश्ता आज के जमाने का है। भले ही यह रिश्ता आज के जमाने का है, लेकिन उनका प्यार फेसबुक और व्हाट्सएप वाला नहीं है। बस समय के साथ उनके नजरिए बदलते रहते हैं। इस फिल्म में दीपिका के अभिनय को बहुत सराहा गया, और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामित भी किया गया।
किरदार : वेरोनिका मलानी
फिल्म : कॉकटेल (2012)
वेरोनिका के रूप में ये दीपिका बहुत ही अलग है। इस पर सिर्फ अपनी जिंदगी खुलकर जीने का भूत सवार है। वह पार्टी करती है, उसके खुले विचार हैं, न किसी का दखल अपनी जिंदगी में चाहती है और न किसी की जिंदगी में दखल देती है, लेकिन दिल की बहुत साफ और अच्छी है। लन्दन जैसे बड़े, महंगे और मीरा (डायना पेंटी) के लिए बेगाने शहर में वेरोनिका एक दोस्त की तरह उसकी मदद करती है। वह उसे जानती नहीं है फिर भी उसके आंसू पोंछकर अपने घर ले आती है। एक दिन वेरोनिका और मीरा पार्टी करने के लिए एक क्लब में जाते हैं, और वहां वेरोनिका को गौतम (सैफ अली खान) मिलता है। वह उसके साथ पहले नाचती है और फिर हमबिस्तर हो जाती है। ये उसके लिए आम बात थी। शारीरिक संबंधों के बाद वह जज्बात का कोई रिश्ता नहीं बनाना चाहते, फिर भी गौतम, मीरा और वेरोनिका अच्छे दोस्त बन जाते हैं। बाद में मीरा थोड़ा गंभीर भी होती है, और हैप्पी एंडिंग भी होती है। वैसे तो मीरा अपने आप से ही बहुत खुश थी, लेकिन उसका किरदार यही तो बताता है कि आप कितने भी मजे में मस्त रहो लेकिन एक दिन आपको गम्भीर होना ही पड़ता है। इस फिल्म में भी दीपिका के बेहतरीन अभिनय जारी रहा और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामांकन मिला।
किरदार : मीनालोचनी अजगुसुन्दरम
फिल्म : चेन्नई एक्सप्रेस (2013)
जब दीपिका पादुकोण फिल्म में शाहरुख खान को अपना पूरा नाम बताती हैं तो वो यही कहते हैं कि मेरे लिए सिर्फ मीना ही बहुत है। तो यहां हमारे लिए भी मीना ही बहुत है। मीना अपने घर से भाग जाती है और उसकी मुलाकात गलती से राहुल (शाहरुख खान) से होती है। अब राहुल खुश तो बहुत होता है क्योंकि उसे पता नहीं रहता कि मीना अपने इलाके के सबसे बड़े गुंडे की लड़की है। जब उसे यह बात पता चलती है तो उसके पैरों के नीचे से जमीन निकल जाती है। इसके बाद तो मीना खुश और राहुल के दिन भर गए। दीपिका पादुकोण खुद हैदराबाद से हैं और ये फिल्म तमिलनाडु की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में उनकी हिंदी, तमिल और मराठी भाषा बोलने का लहजा बिल्कुल एक दक्षिण भारतीय इंसान जैसा है। यह देखने में काफी प्रामाणिक और मजाकिया लगता है और इससे ये भी पता चलता है कि दीपिका ने अपने इस किरदार पर मेहनत की है। इस मेहनत का उन्हें फल भी मिला। इसके लिए दीपिका को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवार्ड में नामित किया गया।